कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में मंडीता गांव के लोगों ने पेड़ कटाई का विरोध करते हुए ग्राम पंचायत पर ताला जड़ दिया। पेड़ों की कटाई का टेंडर निरस्त करने की मांग पर अड़ गए। बड़ी संख्या में गांव की महिलाए व पुरुष पंचायत भवन के बाहर इकठ्ठे हो गए। ओर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की सूचना पर प्रशासक (सरपंच) मौके पर पहुंचे। टेंडर निरस्त करने का आश्वासन दिया। लेकिन साढ़े 11 बजे तक पंचायत सचिव के मौके पर नहीं आने से ग्रामीण आक्रोषित हो गए। पंचायत भवन को खुलने नहीं दिया। स्थानीय ग्रामीण जितेंद्र (जीतू) ने बताया ग्राम पंचायत की करीब 700 बीघा जमीन पर जंगल है। यहां जंगली जानवर रहते है। बड़े बड़े बबूल के पेड़ है। पंचायत ने मिली भगत करके एक महीने पहले पेड़ों की कटाई का टेंडर कर दिया। पंचायत में जब प्रस्ताव लिया तो पूरे वार्ड पंचो के साइन नहीं थे। आज ग्रामीणों को जंगल से पेड़ कटने के बारें में सूचना मिली। जिसके बाद सभी लोग इकठ्ठा होकर सुबह साढ़े 9 बजे पंचायत भवन पहुंचे और पंचायत के मेन गेट पर ताला लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है पेड़ों के काटने के बाद जंगल के जंगली जानवर गांव में आएंगे। इससे मुश्किलें बढ़ेगी। ग्रामीणों की मांग है पेड़ों की कटाई का टेंडर निरस्त किया जाए। सभी ग्रामीण इकट्ठा होकर पंचायत समिति सांगोद जा रहे हैं। पंचायत प्रशासक ललित किशोर ने बताया की एक महीने पहले पंचायत में प्रस्ताव लिया था। जिसके बाद करीब 7 लाख में टेंडर जारी किया था। ग्रामीण विरोध जाता रहे हैं तो टेंडर को निरस्त कर देंगे।


