कोटा के दादाबाड़ी थाना क्षेत्र के बालाकुंड इलाके में 71 वर्षीय बुजुर्ग कालू लाल पारेता की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। आज पोस्टमार्टम के दौरान परिवार के भीतर चल रहे विवाद ने अब मामले को हत्या के आरोपों तक पहुंचा दिया है। मृतक के बेटे महेंद्र पारेता और पोती ने परिवार के ही कुछ सदस्यों पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि कालू लाल की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोती का दावा है कि मौत से पहले दादा का फोन आया था और उन्होंने बताया था कि प्रॉपर्टी हड़पने के लिए उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। इसी आरोप के आधार पर परिवार दो गुटों में बंट गया है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष पोस्टमार्टम से बचने की कोशिश कर रहा है। उधर, दादाबाड़ी थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। थाने के एसआई रमेश मीणा ने बताया कि कालू लाल घर पर ही गिर पड़े थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि कालू लाल के बेटों ने लिखित में सारी जानकारी दी है। पुलिस पोस्टमार्टम करवाने की प्रक्रिया में जुटी थी, लेकिन बच्चों ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया है। परिवार में प्रॉपर्टी को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, और अब परिजन एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।


