कोटा में NEET की तैयारी कर रही स्टूडेंट के सुसाइड करने का मामला सामने आया है। स्टूडेंट ने पॉइजन खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर तड़पने लगी, ‘मुझे बचालो’। चिल्लाने की आवाज सुनकर सहयोगी स्टूडेंट व मकान मालिक दौड़ कर पहुंचे। और उसे इलाज के लिए निजी हॉस्पिटल लेकर गए। इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई। घटना दादावाड़ी थाना इलाके की है। दादाबाड़ी थाना SHO बलदेव राम ने बताया की छात्रा जूही पटेल (18) बुद्धकुआ जिला छतरपुर एमपी की रहने वाली थी। जो ढाई-तीन महीने पहले ही कोटा आई थी। कोटा के बसंत विहार इलाके में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। छात्रा की मौत की सूचना पर परिजन एमपी से कोटा पहुंचे हैं। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की। मैंने जहर खा लिया, मुझे बचा लो
रिश्ते में भाई रूप राम ने बताया कि रात को पॉइजन खाने के बाद जूही की तबियत बिगड़ने लगी। पास ही रूम में रहने वाले भाई बहन को पता लगा। उन्होंने मकान मालिक को बुलाया। जूही के उल्टियां होने लगी। वो कह रही थी। मैंने जहर खा लिया, मुझे बचालो, गलती हो गई। मकान मालिक ने परिजनों को सूचना दी। गुरुवार दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर जूही ने मुझे कॉल किया था। ओर कहा आपके पास कुछ नगद पैसा हो तो दे दो। उसे 100 रूपए की जरूरत थी। उसे 100 रूपए दिए थे। उसके बाद रात को भैय्या का कॉल आया। कहां जूही की तबीयत खराब है। उसे उल्टी हो रही है। एक बार देख कर आओ। जिसके बाद मौके पर आया। ओर मकान मालिक की मदद से जूही को इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए। भाई महेंद्र ने बताया की सालभर पहले कोटा में रहकर नीट की कोचिंग की थी। अभी तीन महीने पहले ही नीट की सेल्फ स्टडी के लिए खुद की इच्छा से कोटा रहने आई। उसने ऑफ लाइन टेस्ट सीरीज जॉइन कर रखी थी। जूही से गुरुवार शाम को थोड़ी बहुत बातचीत हुई थी। इधर उधर की बातें की थी। जूही की रात 10 बजे दीदी से बात हुई। जब जूही के उल्टी हो रही थी। उसे कोई तनाव नहीं था। टेस्ट में भी अच्छे नंबर आ रहे थे। पिता अर्जुन पटेल ने बताया हमें पता नहीं उसने जहर क्यों खाया। रात को बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद कोटा के लिए रवाना हो गए। गुरुवार रात 8 बजे जूही से बात हुई थी। उससे पूछा था खाना खा लिया क्या। उसने कहा हां खा लिया।


