कोटा विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर निविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित कर्मचारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन से सकारात्मक और न्यायसंगत निर्णय की कामना की। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन समय पर नहीं मिलने, सेवा सुरक्षा की गारंटी, कार्य अवधि की स्पष्ट नीति और नियमितीकरण जैसी मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार ज्ञापन सौंपे, वार्ता के प्रयास किए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं रखीं, इसके बावजूद उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इससे कर्मचारियों में रोष के साथ-साथ गहरी निराशा भी बढ़ती जा रही है। सद्बुद्धि यज्ञ के माध्यम से कर्मचारियों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की। यज्ञ के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए मजबूर होंगे।


