वित्त मंत्री दीया कुमारी तीसरी बार बजट पेश कर रही है। जयपुर-जोधपुर, अजमेर, कोटा में 575 करोड़ की लागत से सड़कें बनाई जाएंगी। कोटा में साइंस सेंटर में इनोवेशन हब की स्थापना की जाएगी। सभी कॉलेजों में नशा मुक्ति केंद्र शुरू होंगे। युवाओं में आत्महत्या रोकने के लिए कोटा, जोधुपर में सेंटर खोले जाएंगे। कोटा को इस बार राज्य बजट से काफी उम्मीद है। कोटा में लंबे समय से मिनी सचिवालय बनाने की मांग रही है। इसके साथ ही कोटा में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना व रिवर फ्रंट के अगले फेज को लेकर घोषणा की उम्मीद है। साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर भी काफी आस है। हालांकि जिले में जितने भी बजट घोषणा हुई उसमें सबसे तेज कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की फाइल दौड़ रही है। केंद्र और राज्य सरकार जल्द एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने की तैयारी में है। पहले चरण का काम शुरू करने के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं।अप्रैल माह में निर्माण कार्य का शिलान्यास किया जाना प्रस्तावित है। सरकारी विभागों ने पिछले बजट की कई घोषणाओं में जमीन आवंटन का काम पूरा कर लिया है। पिछले बजट में सरकार ने नया बस स्टैंड बनाने की घोषणा की थी। साथ ही शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की घोषणा की थी। इलेक्ट्रिक बसों के लिए सुभाष नगर में अलग से चार्जिंग स्टेशन बनाया जाना है। इसके लिए जमीन आवंटित हो गई है। फिलहाल इलेक्ट्रिक बसें कागज में दौड़ रही है। कैंसर की जांच के लिए लीनियर एक्सीलेटर लगाने की घोषणा की गई थी।इसके लिए बजट का इंतजार है।अब पीपीपी मोड पर लगाने की तैयारी की है। लाडपुरा में 300 बेड का सेटेलाइट हॉस्पिटल बनाने की घोषणा की गई थी। दसलाना में जमीन का आवंटन हुआ,काम शुरू नहीं।कोटा के बड़े मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर बनाए जाना था।इसकी डीपीआर तैयार हो गई। 25 करोड़ की लागत से कैटल फीड प्लांट बनेगा।इसके लिए मंडाना के पास जमीन आवंटित। राज्य बजट में भामाशाह मंडी के विस्तार की घोषणा की गई थी। इसमें इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र से सटी वन विभाग की जमीन पर मंडी का विस्तार किया जाना है। यह प्रोजेक्ट लैंड फॉर लैंड के तहत किया जाएगा। इसकी पत्रावली फिलहाल आगे नहीं बढ़ी है। ताथेड में पुलिस चौकी को क्रमोन्नत कर पुलिस थाना बनाया जाना था। फिलहाल कुछ नहीं हुआ।


