कोबरा को शराब दुकान पर छोड़ गया शराबी सपेरा:भाजपा संगठन की तारीफ, फिर ऐसा दौड़े दिग्विजय कि जूता खुला; विजयवर्गीय बने ‘कैलाश सिंह’

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। भाजपा संगठन की तारीफ, दिग्विजय का मकसद क्या?
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कुछ ऐसा कर दिया, जो उनके नेचर के बिल्कुल उलट है। हां, भाजपा संगठन की तारीफ कर दी। वो भी पीएम मोदी और भाजपा के पितृ पुरुष लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर शेयर करके। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा- Quora site पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयं सेवक व जनसंघ (अब भाजपा) का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम। कांग्रेस नेता की ये बात जंगल में आग की तरह फैली। संघ और भाजपा के घोर विरोधी दिग्विजय सिंह के मुंह से भाजपा संगठन की तारीफ किसी को नहीं पची। फिर क्या था, कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के दौरान नजर आए तो मीडिया ने घेर लिया। मीडिया सवाल पूछता रहा। दिग्विजय सिंह पीछा छुड़ाने के लिए तेजी से चलते रहे। इस दौरान उनका जूता तक खुल गया। हालांकि बात में उन्होंने रुक कर मीडिया से बात की। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि मैंने तो संगठन की तारीफ की। मैं आरएसएस और मोदी का घोर विरोधी हूं। दिग्विजय के इसी ट्वीट पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- क्या बात है सर, हृदय परिवर्तन। एक दूसरे यूजर ने लिखा- पर भाजपा नहीं लेगी। खूब प्रशंसा कर लो चाहे। एक ने लिखा अंतर आत्मा जाग रही है क्या। खरी बात ये है कि दिग्विजय सिंह राजनीति के अनुभवी और मंझे हुए खिलाड़ी हैं। वे जो भी करते हैं, यूं ही नहीं करते, उसके पीछे कोई न कोई मकसद छिपा होता है। भई लोग तो दबी जुबान में ये भी कह रहे हैं कि भाजपा संगठन की तारीफ कर दिग्विजय सिंह एक बार फिर अपनी राज्यसभा की सीट पक्की करने की जुगाड़ में तो नहीं है। विजयवर्गीय ने भाजपा जिला अध्यक्ष से करवाया बड़ा त्याग
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कुछ न कुछ ऐसा करते हैं कि सुर्खियों में आ ही जाते हैं। इंदौर में बाल वीर दिवस पर भी उन्होंने कुछ ऐसा किया कि सब हैरान रह गए। दरअसल, भाजपा दफ्तर में बाल वीर दिवस पर विशेष आयोजन किया गया था। यहां विजयवर्गीय ने मंच पर अपने संबोधन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित मिश्रा की ओर इशारा करते हुए कहा कि सिख बनना है तो तंबाकू-गुटखा छोड़ना ही पड़ेगा। गुटखा, तंबाकू, पाउच बंद आज से। फिर क्या था, सुमित मिश्रा थोड़े से असहज तो दिखे, लेकिन बताया जा रहा है कि वे कैलाश विजयवर्गीय की बात पर राजी हो गए। विजयवर्गीय ने इस आयोजन के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित मिश्रा की जमकर तारीफ भी की। और हां, इस कार्यक्रम में विजयवर्गीय समेत तमाम नेताओं ने पगड़ी पहनी थी। ऐसे में विजयवर्गीय ने खुद को ‘कैलाश सिंह’ कहकर संबोधित किया। जिस पर ठहाके भी गूंजे। नशे में नाग को शराब दुकान पर भूलकर चला गया सपेरा
जबलपुर के पाटन में एक शराबी सपेरे का कारनामा जिसने भी सुना हैरान रह गया। सपेरा टोकरी में बंद कोबरा को लेकर शराब दुकान पर पहुंचा। उसने शराब खरीदी और वहीं बैठकर पीने लगा। शराब के नशे में सपेरा मदहोश हो गया। उसे कुछ भी होश नहीं रहा। वह नाग को वहीं छोड़कर चला गया। नाग शराब दुकान के पास ही फन फैलाकर बैठ गया। जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। नाग के डर से लोग शराब खरीदने दुकान तक भी नहीं जा रहे थे। बाद में दुकान मालिक ने सर्प विशेषज्ञ को बुलाया और नाग का रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। सपेरा कौन था, अभी इसका पता नहीं चला है। मंत्री कृष्णा गौर ने गाया- संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं..
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार में टैलेंट की कमी नहीं है। विधायक से लेकर मंत्री तक सब एक से एक धुरंधर हैं। अब मंत्री कृष्णा गौर ने गायकी में हाथ आजमाया। एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री कृष्णा गौर ने माइक थामा। उन्होंने बॉर्डर फिल्म का गाना- संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं.. सुनाया। मंत्री के गाने पर लोगों ने जमकर तालियां बजाई। मंत्री ने इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। इनपुट सहयोग – अभिषेक दुबे (इंदौर), सुनील विश्वकर्मा (जबलपुर) ये भी पढ़ें –
कांग्रेस का दर्द- ‘दीपक जोशी एक लुगाई और ले गया’: चर्च गए दिग्विजय, राम मंदिर पर कहा- अहं ब्रह्मास्मि पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शादी को लेकर आई खबरों पर कांग्रेस का दर्द सामने आया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने दीपक जोशी को लेकर कहा कि हमारी पार्टी में वैसे ही कार्यकर्ताओं की कमी थी। एक लुगाई और ले गया इधर से। पूरी खबर पढ़ें

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