भास्कर न्यूज | राजिम ग्राम कोमा के शासकीय प्राथमिक शाला में 23 बच्चों का विद्यारंभ संस्कार और एक बच्चे का जन्मदिन संस्कार मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और गणेश जी की पूजा से हुई। बच्चों को स्वच्छता, सुव्यवस्था, बड़ों का सम्मान और माता-पिता का आशीर्वाद लेने की सीख दी गई। ऊषापान और भोजन से जुड़ी जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर प्रधान पाठक विनेश कुमार जोशी, शिक्षिका संध्या कुटारे, तेजस्वी ध्रुव, मोंगरा साहू और सत्या साहू मौजूद रहे। प्रधान पाठक ने कहा कि शिक्षा के साथ विद्या भी जरूरी है, जिससे बच्चे माता-पिता और स्कूल का नाम रोशन कर सकें। महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक मीनाक्षी नेताम के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्र में 10 गर्भवती माताओं का पुंसवन संस्कार हुआ। इसमें हेमपुष्प महेश्वर साहू, निर्मला खेमू साहू, ममता जितेश विश्वकर्मा, संगीता सोमनाथ तारक, मीना योगेश्वर साहू, पूर्णिमा विनोद तारक, तारिणी तेजराम यादव, जमुना भीमसेन साहू, नेहा हुय राम साहू और रामेश्वरी एसकुमार तारक शामिल रहीं। महिला प्रकोष्ठ की ब्लॉक समन्वयक हेमलता साहू ने बताया कि संतान को श्रेष्ठ और बुद्धिमान बनाना है तो उसकी शिक्षा गर्भ से शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम, कृष्ण, गौतम और गांधी जैसी संतानों का जन्म भी ऐसे ही संस्कारों से हुआ। गायत्री शक्तिपीठ राजिम की ओर से गर्भवती माताओं को गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिका, ‘आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी’ पुस्तक और बलिवैश्व स्टीकर भेंट किए गए। कार्यक्रम में मां भगवती महिला मंडल की सीता साहू, दीपा साहू, पूर्णिमा साहू, लुकेश्वरी दीवान और डोमन ध्रुव उपस्थित रहीं। महिला बाल विकास पर्यवेक्षक मीनाक्षी नेताम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगीता नागरची, पुष्पा साहू और हेमलता जांगड़े का गायत्री परिवार की बहनों ने सम्मान किया। भविष्य में भी इसी तरह सहयोग का निवेदन किया गया।


