कोरबा का मामला:खेलते वक्त 2 साल के बच्चे ने चना निगला, गले में फंसने से मौत; डॉक्टर बोले- इंटरनल ब्लीडिंग

कोरबा में घर में खेलते-खेलते 2 साल के बच्चे ने चना निगल लिया, जो गले में फंस गया। हालत बिगड़ने पर परिजन बच्चे को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घंटाघर में मूलत: यूपी निवासी छोटू कुमार बंसल परिवार के साथ रहते हैं। गुरुवार सुबह वे काम से बाहर गए थे। इस दौरान 2 साल के बेटे दिव्यांश कुमार ने सुबह करीब 8 बजे खेलते हुए घर में रखा चना उठाकर निगल लिया। एकाएक गले में चना फंसने से उसे सांस लेने में दिक्कत हुई तो वह रोने लगा। इससे बच्चे की मां और चाचा उसे लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। कुछ घंटे बाद बच्चे की मौत हो गई। गोलू ने डॉक्टरों की लापरवाही से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया। जबकि अस्पताल प्रबंधन के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हरबंश ने बताया कि बच्चे ने जो चना निगल लिया था, वह गले से होकर फेफड़े में जाकर फंस गया था। साथ ही इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। इससे उसकी मौत हो गई। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. अनूप वर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ छह माह से एक साल के बच्चे को चना जैसी चीजें खाने को न दें, अगर गले में अटके तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं घरों में मां-बाप के साथ बाकी सदस्यों को भी इस बात का पूरी तरह से ध्यान रखना चाहिए कि छह महीने से सालभर तक बल्कि कोशिश करें कि दो साल तक के बच्चों को किसी भी तरह का चना, मूंगफली, चना बूट जैसी चीजें खाने के लिए न दें। बच्चों के आसपास भी इसे न रखें। परिवार वाले इसे देना ही चाहते हैं तो उसे अच्छे तरीके से क्रश कर लें उसके बाद दें। अधिकतर ऐसा होता है कि इस तरह की चीजें गटक लेने के बच्चों को उन्हें लगातार खांसी आती है या ठसका लगता है। ऐसी स्थिति में तुरंत उन्हें डॉक्टर को दिखाना चाहिए। कई बार ऐसे भी केस आते हैं जिसमें परिवार वाले बताते हैं कि बच्चे के नाक के केवल एक छेद से पानी आ रहा है। जांच करने पर पता चलता है​ कि कई दिनों वहां कुछ फंसा है। इस तरह की लापरवाही न करें। बच्चे को सर्दी, ठसका, खांसी या खाने-पीने में दिक्कत हो रही है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। कई बार इस तरह की घटना निमोनिया में बदल जाती है। इससे बच्चे को तेज बुखार आता है और कई बार स्थिति जानलेवा तक हो जाती है। इसलिए हर मां-बाप को इसकी जानकारी होनी चाहिए कि वे इस तरह की गलती न करें। अगर उन्हें जानकारी नहीं है तो घर के किसी भी सदस्य को उन्हें इन बातों को अच्छी तरह से समझाना चाहिए।
(जैसा उन्होंने भास्कर रिपोर्टर असगर खान को बताया)

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