कोरबा जिले में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते हुए जटराज पोखरी को राखड़ से पाटने का मामला सामने आया है। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। सर्वमंगला मंदिर कान के मुख्य मार्ग पर स्थित लगभग 15-20 एकड़ की इस पोखरी से बड़ी मशीनों द्वारा पानी निकाला जा रहा है। यह पोखरी 40-50 साल पहले खदान थी। खदान बंद होने के बाद हसदेव नदी का पानी प्राकृतिक रूप से इसमें आ गया। अब यह आसपास के लोगों, गांव और जंगली जीवों के लिए जल स्रोत बन गई है। पंप से पानी निकालने पर रोक लगाने की मांग सभापति ठाकुर ने कलेक्टर और पर्यावरण संरक्षण अधिकारी को पत्र लिखकर पोखरी में पंप से पानी निकालने पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने दोषी कंपनी और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। पोखरी को पाटना नियमों का उल्लंघन एक ओर सरकार तालाबों का संरक्षण कर रही है और जल स्तर बनाए रखने के लिए नए तालाब खोद रही है। वहीं दूसरी ओर इस पोखरी को पाटने की तैयारी की जा रही है। खुली खदानों में राखड़ पाटा जा सकता है, लेकिन जल स्रोत बन चुकी पोखरी को पाटना नियमों का उल्लंघन है।


