कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र में मंगलवार शाम एक गाय ने दो सिर वाले बछड़े को जन्म दिया। यह घटना विकास नगर आईबीपी बस्ती में रहने वाले भगवान दास के घर हुई। जन्म के कुछ ही देर बाद बछड़े की मौत हो गई। लेकिन तब तक यह स्थानीय लोगों के बीच कौतूहल और आस्था का केंद्र बन चुका था। बछड़े के जन्म की खबर फैलते ही आसपास के बस्तीवासी भगवान दास के घर एकत्र हो गए। कई लोगों ने इसे भगवान का चमत्कार मानकर हाथ जोड़कर आशीर्वाद लेना शुरू कर दिया। भगवान दास ने बताया कि उन्हें गाय के जल्द बच्चा देने का अनुमान था, लेकिन दो सिर वाले बछड़े के जन्म से वे आश्चर्यचकित थे। गिरने से घायल हुआ दो सिर वाला बछड़ा उन्होंने बताया कि गाय के बच्चा देते समय गिरने से बछड़े को चोट लगी थी, जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। जानकारों के अनुसार, दो सिर वाले बछड़े के जन्म का मुख्य कारण पॉलीसेफली (Polycephaly) नामक एक दुर्लभ जैविक स्थिति है। यह गर्भावस्था के शुरुआती चरण में भ्रूण के पूरी तरह से अलग न होने के कारण होती है। धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया बछड़े का अंतिम संस्कार जिसका अर्थ है कि जुड़वां भ्रूणों के निर्माण की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। यह एक आनुवंशिक असामान्यता या विकास संबंधी विसंगति हो सकती है। बछड़े की मौत के बाद, मवेशी मालिक भगवान दास ने धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-पाठ कर उसका अंतिम संस्कार किया।


