कोरबा में संतराम महाराज के अनुयायियों ने किया देहदान:मेडिकल कॉलेज को मिले 4 पार्थिव शरीर; गांव-समाज सभी का रहा सहयोग

कोरबा में संतराम परिवार ने एक बार फिर सामाजिक सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। परिवार ने अपने एक परिजन का पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को दान में दे दिया। यह मेडिकल कॉलेज को मिलने वाला चौथा पार्थिव शरीर है, जो संतराम महाराज के अनुयायियों ने दान किया है। बनवारी प्रसाद साहू ने बताया कि उनके पिता गुहा राम साहू सक्ति जिले के सरहर निवासी थे और खेती-किसानी करते थे। गुहा राम जी ने अपनी इच्छा पहले ही व्यक्त कर दी थी कि मृत्यु के बाद उनका शरीर मेडिकल शिक्षा के लिए दान किया जाए। इसके लिए आवश्यक प्रमाण पत्र भी पहले ही तैयार कर लिया गया था। सत्संग प्रवचनों से प्रभावित होकर फैसला परिवार ने यह निर्णय संतराम महाराज जी की प्रेरणा और उनके सत्संग प्रवचनों से प्रभावित होकर लिया। गुहा राम जी गायत्री परिवार से भी जुड़े हुए थे और उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद देहदान की बात कही थी, जिसका पालन आज किया गया। गुहा राम साहू पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी मृत्यु के बाद तत्काल इसकी सूचना जिला मेडिकल कॉलेज की टीम को दी गई। कॉलेज की टीम ने मौके पर पहुंचकर देहदान की आगे की प्रक्रिया पूरी की। गांव, समाज सभी ने साथ दिया इस देहदान में परिवार और गांव वालों का विशेष सहयोग रहा। अक्सर सामाजिक रीति-रिवाजों के कारण देहदान के बाद भी पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करना पड़ता है, लेकिन इस मामले में सभी ने सहयोग किया। संतराम पाल के अनुयाई ट्रस्ट के जिला संयोजक अजय कुमार खुटे ने बताया कि समाज के कल्याण के लिए यह देहदान किया गया है। उन्होंने इस कार्य के महत्व पर जोर दिया, जहां मृत्यु के बाद शरीर का उपयोग मेडिकल छात्रों की शिक्षा के लिए होता है। देहदान के महत्व को समझाया बिसाहू दास महंत मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. नीलेश महोबिया ने देहदान के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि इससे मेडिकल छात्रों को वास्तविक अनुभव मिलता है, जो उनके व्यावहारिक ज्ञान और डॉक्टर बनने की प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। डॉ. महोबिया ने यह भी जानकारी दी कि संत रामपाल जी के अनुयायियों द्वारा अब तक कॉलेज को कुल चार पार्थिव शरीर दान किए जा चुके हैं।

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