रामानुजगंज महाविद्यालय की जमीन से कब्जा हटाने की मांग:पार्षद विकास गुप्ता ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 2.91 करोड़ का निर्माण प्रभावित

रामानुजगंज के शासकीय लरंगसाय अग्रणी महाविद्यालय की जमीन पर कई सालों से हो रहे अतिक्रमण को हटाने और जमीन का दोबारा सीमांकन कराने की मांग जोर पकड़ रही है। इसी को लेकर नगर पालिका परिषद रामानुजगंज के वार्ड नंबर 06 के पार्षद और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विकास गुप्ता ने जिला कलेक्टर को एक विस्तृत आवेदन दिया है। विकास गुप्ता ने आवेदन में बताया कि महाविद्यालय की स्थापना 1987 में हुई थी। भूमि आवंटन की प्रक्रिया 1991 में शुरू होकर 2000 में पूरी हुई थी। तब मध्य प्रदेश शासन ने महाविद्यालय को खसरा नंबर 76/6, रकबा 2.23 हेक्टेयर (लगभग 5.50 एकड़) भूमि विधिवत आवंटित की थी। इसी भूमि पर महाविद्यालय भवन बना है और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सीमांकन अधूरा, बाउंड्री वॉल का काम अटका आवेदन में यह भी कहा गया है कि 2014 में बाउंड्री वॉल निर्माण के दौरान सीमांकन की आवश्यकता पड़ी थी। प्राचार्य ने कलेक्टर को पत्र लिखा, जिसके बाद तहसीलदार को सीमांकन के निर्देश दिए गए। हालांकि, यह सीमांकन आज तक पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते आवंटित भूमि के एक हिस्से पर स्थानीय लोगों का अतिक्रमण बना हुआ है, जिससे बाउंड्री वॉल का काम अधूरा रह गया है। भवन निर्माण की स्वीकृत राशि पर अतिक्रमण का खतरा पार्षद बताया कि कि उच्च शिक्षा विभाग, रायपुर ने महाविद्यालय के उन्नयन और विस्तार के लिए अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए 2,91,22,000 की राशि स्वीकृत की है। अतिक्रमण नहीं हटने की स्थिति में यह निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने छात्रों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक बताया। सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की मांग उन्होंने मांग की है कि महाविद्यालय की आवंटित भूमि खसरा 76/6 का तत्काल पुनः सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। इस आवेदन की प्रतियां केबिनेट मंत्री रामविचार नेताम और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं। आवेदन के साथ 1991, 2000 और 2014 से संबंधित भूमि आवंटन, सीमांकन और शासनादेश की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।

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