छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में लगातार कचरे के ढेर में दवाई फेंकने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को झाड़ियों में दवाइयां फेंकी गई मिली तो अगले ही दिन शनिवार को एक छोटी पुलिया के पास जीवन रक्षक दवाई फेंके जाने का मामला सामने आया। नेशनल हाईवे 43 के किनारे एक छोटी पुलिया के नीचे बड़ी मात्रा में जीवन रक्षक दवाएं फेंकी हुई मिली हैं। इससे पहले बैकुंठपुर में नुरुल हुडा मैरिज हॉल के पीछे झाड़ियों में भी सरकारी दवाइयां मिली थीं। दवाइयों पर CGMSC का होलोग्राम जांच में पाया गया कि ये सभी दवाइयां अभी भी इस्तेमाल के लिए उपयुक्त हैं। इन पर 2026 से 2029 तक की एक्सपायरी डेट अंकित है। दवाइयों पर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) का होलोग्राम लगा हुआ है, जो इनकी सरकारी आपूर्ति को प्रमाणित करता है। ये दवाइयां गरीब मरीजों को निशुल्क वितरण के लिए थीं। घटना ने जिले में हलचल मचा दी है। नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। सवाल उठ रहा है कि इतनी मात्रा में सरकारी दवाइयां बाहर कैसे पहुंचीं। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने दैनिक भास्कर को बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच टीम स्टाक मिलान कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता इस मामले में त्वरित कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदमों की मांग कर रही है।


