भास्कर संवाददाता | बैतूल कोरोना काल में देशभर में रेल सेवाएं ठप कर दी गई थीं। बाद में हालात सामान्य होने पर अधिकांश ट्रेनें दोबारा शुरू कर दी, लेकिन बैतूल जिले से होकर गुजरने वाली तीन महत्वपूर्ण ट्रेनें आज तक प्रारंभ नहीं हुईं हैं। नागपुर- भुसावल एक्सप्रेस, नागपुर-रीवा एक्सप्रेस और नागपुर-इटारसी पैसेंजर ट्रेन के संचालन शुरू न होने से जिले के यात्रियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन ट्रेनों को दोबारा शुरू करने की मांग लंबे समय से लोग कर रहे हैं। वहीं जिले के बैतूल, घोड़ाडोंगरी, आमला, मुलताई, बरबतपुर एवं ढोडरामोहर रेलवे स्टेशनों पर कई ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग हो रही है। लेकिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण अब तक जिले के लोगों को इन ट्रेनों की दोबारा सेवा नहीं मिल पा रही। और न स्टॉपेज मिल पा रहे। जबकि रेलवे ने अब ट्रेनों को शुरू करने एवं स्टॉपेज की मांग एवं सुझाव का अधिकारी अधिकारियों से छीनकर सांसद को दे दिए हैं। अब ट्रेन संचालन और स्टॉपेज से जुड़े सुझाव मंडल अधिकारियों के बजाय सांसद रेलवे बोर्ड को भेज सकते हैं। लेकिन बैतूल के सांसद केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद स्वयं के जिले में सेवाएं प्रारंभ नहीं करा इससे उन पर सवाल उठ रहे हैं। नागपुर-भुसावल एक्सप्रेस एकमात्र ट्रेन थी जो नागपुर- इटारसी सेक्शन को खंडवा-भुसावल सेक्शन से जोड़ती थी। यही ट्रेन बैतूल जिले के यात्रियों को खंडवा दादाधाम सीधे भेजती थी। वहीं 22135- 22136 नागपुर-रीवा एक्सप्रेस जिले के लोगों के लिए रीवा और मैहर शारदा धाम जाने की एकमात्र सीधी ट्रेन थी। अब सांसद के पास है अधिकार अब ट्रेन संचालन और स्टॉपेज से जुड़े सुझाव मंडल अधिकारियों के बजाय सांसद रेलवे बोर्ड को भेज सकते हैं। यदि क्षेत्रीय सांसद इन ट्रेनों को दोबारा शुरू करने और स्टॉपेज की मांग को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाएं, तो इन पर निर्णय संभव है। – यश जनबंधु , रेल पीआरओ नागपुर नागपुर-इटारसी पैसेंजर बैतूल- इटारसी के बीच एकमात्र पैसेंजर ट्रेन थी, जो सभी छोटे रेलवे स्टेशनों पर रुकती थी। इसके बंद होने से छोटे स्टेशनों के यात्रियों को अब केवल मेमू ट्रेन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। खंडवा, नर्मदापुरम सहित अन्य संसदीय क्षेत्रों में सांसदों की मांग पर कोरोना काल में बंद ट्रेनों का दोबारा संचालन शुरू हो गया है। वहीं स्टेशनों पर कई ट्रेनों को स्टॉपेज भी स्वीकृत किए गए हैं। इसके विपरीत बैतूल जिले के सांसद केन्द्रीय राज्य मंत्री होने के बावजूद न तो कोरोना काल में बंद ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू हो सका है और न ही बैतूल सहित जिले के अन्य रेलवे स्टेशनों को नई ट्रेनों का स्टॉपेज मिल पाया है। इस स्थिति से क्षेत्रीय यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे इसे जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से जोड़कर देख रहे हैं।


