कोरोना महामारी ने देशभर में लाखों नौकरियां छीनीं, लेकिन कुछ लोगों ने इस चुनौती को अवसर में बदला। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है घाटशिला के गोहला गांव के दो दोस्त दिनेश शर्मा और अनु कुमार दास ने। दोनों ने शिमला मिर्च की खेती शुरू की और अब हर महीने 70 हजार से 1 लाख रुपए तक की कमाई कर रहे हैं। दिनेश आईटी इंजीनियर थे, अनु भी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। कोरोना के समय दोनों की नौकरी चली गई। इसके बाद दोनों गांव आ गए। फिर दोनों ने खेती करने की ठानी और इंटरनेट से खेती की जानकारी ली। पता चला कि इलाके में शिमला मिर्च की खेती नहीं होती है, लेकिन इसकी अच्छी मांग है। हालांकि इलाके का तापमान 40 से 45 डिग्री तक पहुंच जाता है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और खेती का फैसला लिया। डेढ़ से दो माह में तैयार हो जाती है फसल दोनों दस्तों के खेती शुरू किए अभी केवल तीन महीने हुए थे कि उन्हें बेहतर परिणाम मिला। इससे वे बेहद उत्साहित हुए। इसके बाद दोनों खेती में पूरी तरह से रम गए। चूंकि पूर्वी सिंहभूम में शिमला मिर्च की खेती नहीं होती, इसलिए उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिल रहे हैं। अनु कुमार दास ने बताया कि उन्हें पहले खेती का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन नियमित निगरानी और मेहनत ने आज उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया है। हर डेढ़ से दो महीने में फसल तैयार हो जाती है। गांव के बुजुर्ग ने दी जमीन, कहा- आज इन पर गर्व गोहला गांव के गुनुमय मिश्रा ने दोनों युवकों को खेती के लिए जमीन दी। उन्होंने बताया कि जब दोनों मेरे पास आए और बोले कि नौकरी छूट गई है, अब खेती करना चाहते हैं, तो मैंने जमीन दे दी। आज जब उनकी सफलता देखता हूं, तो गर्व होता है कि मेरे खेत में नया सपना पनप रहा है। 900 स्क्वायर फीट में नेटहाउस बना सफलता की चाबी दिनेश ने बताया – नौकरी के दौरान कुछ पैसे बचाए थे। उसी से खेती शुरू की। सबसे पहले खेत में बोरिंग करवाई। पानी की व्यवस्था की। गांव में ग्राउंडवाटर लेवल अच्छा है। तेज धूप और गर्मी से फसल को बचाने के लिए यह जरूरी था, इसलिए 900 स्क्वायर फीट में नेट हाउस बनाया। फिर हम दोनों दोस्तों ने 2 रुपए प्रति पौधे की दर से 5 हजार पौधे मंगवाए। लेकिन इनमें से 2500 से 3000 पौधे ही बचे। इनसे अच्छी क्वालिटी की उपज मिली। पहली तुड़ाई में 60 से 70 किलो शिमला मिर्च निकली। बाजार में 70 से 80 रुपये प्रति किलो का भाव मिला। अब हर तीन-चार दिन में एक क्विंटल उपज मिल रही है।


