अलवर यातायात पुलिस थाने में सोमवार शाम को न्यायालय के आदेशानुसार जब्त एवं अनुपयोगी (स्क्रैप) वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया संपन्न हुई। नीलामी की यह कार्रवाई पारदर्शी तरीके से गठित समिति की मौजूदगी में की गई, जिसमें संबंधित अधिकारी एवं समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे। नीलामी को लेकर सुबह से ही थाना परिसर में गतिविधियां तेज रहीं और बड़ी संख्या में वाहन खरीदने के इच्छुक लोग मौके पर पहुंचे। इस संबंध में जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले ने बताया कि कुल 38 वाहनों की नीलामी की जा रही है। नीलामी को दो चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में 10 वाहनों की बोली लगाई गई, जिसमें सबसे अधिक बोली 35 हजार रुपए तक पहुंची जो मनोज कुमार की फर्म की हुई। उन्होंने बताया कि पहले चरण की नीलामी में 20 से अधिक बोलीदाता शामिल हुए, जिससे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बना रहा और वाहनों की उचित कीमत प्राप्त हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांबले ने बताया कि दूसरे चरण में शेष 28 वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। यह सभी वाहन लंबे समय से जब्त अवस्था में खड़े थे और तकनीकी रूप से अनुपयोगी घोषित किए जा चुके थे। न्यायालय के आदेश के बाद इन वाहनों को स्क्रैप श्रेणी में रखते हुए नीलामी के माध्यम से निस्तारित किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की नीलामी से जहां एक ओर पुलिस थाना परिसरों में वर्षों से खड़े अनुपयोगी वाहनों से निजात मिलती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होती है। नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई।


