भास्कर न्यूज | अंबिकापुर अंबिकापुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को बुधवार सुबह एक ई-मेल में कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी, जिसके बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, जांच के बाद पुलिस को कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। कोर्ट प्रशासन को सुबह आउटलुक आईडी के माध्यम से एक ई-मेल प्राप्त हुआ। धमकी की गंभीरता को देखते हुए सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही एसपी राजेश कुमार अग्रवाल और एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। बम निरोधक दस्ता और स्निफर डॉग्स की मदद से कोर्ट के हर कोने, पार्किंग और चेंबर की बारीकी से तलाशी ली गई। सुरक्षा कारणों से आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। केवल पूरी जांच के बाद ही किसी को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी। दहशत के माहौल के बावजूद कोर्ट की कार्रवाई चलती रही, लेकिन परिसर में दिनभर तनाव और असहज स्थिति बनी रही। करीब 5 घंटे चले इस सर्च ऑपरेशन के बाद जब कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, तब जाकर पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। फिलहाल कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह केवल अंबिकापुर तक सीमित नहीं है। इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल प्रदेश के धमतरी और जगदलपुर कोर्ट को भी भेजे गए थे। इससे पहले दुर्ग कोर्ट को भी ऐसी ही धमकी मिल चुकी है। पुलिस की साइबर टीम ई-मेल आईडी के आईपी एड्रेस को ट्रैक कर रही है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी आए थे धमरी भरे मेल कोर्ट परिसर सुरक्षित है अफवाहों पर न दें ध्यान ^पुलिस की टीम ने पूरे कोर्ट परिसर की कई घंटे जांच की। प्रारंभिक जांच में वहां से ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु व विस्फोटक नहीं मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि किसी ने झूठी खबर मेल से भेजी है। आईपी एड्रेस से मेल करने वाले का पता किया जा रहा है। प्रदेश के दूसरे जिला कोर्ट को भी ऐसा एक मेल आया है। किसी भी तरह की अफवाह से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस मुस्तैद है। राजेश अग्रवाल, एसएसपी सरगुजा


