आईजी और द. छोटानागपुर आयुक्त को सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने दी गई जानकारी रांची सिविल कोर्ट परिसर और कोर्ट हाजत की सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियां हैं। जिन्हें सुदृढ़ करने के लिए विशेष शाखा झारखंड ने एक रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट आईजी रांची प्रक्षेत्र और दक्षिणी छोटानागपुर आयुक्त को उपलब्ध कराई गई है, ताकि खामियों को दूर किया जा सके। रिपोर्ट में बताया गया है कि कोर्ट में कुल तीन मोर्चा हैं। पहला मोर्चा पूर्वी गेट पर, दूसरा मोर्चा दक्षिणी गेट पर और तीसरा मोर्चा हाजत की छत पर है। पूर्वी मोर्चा पर जिला बल के 2-2 आरक्षी आर्म्स के साथ एवं दक्षिणी मोर्चा पर 3 आरक्षी आर्म्स के साथ प्रतिनियुक्त हैं। लेकिन तीसरा मोर्चा जो हाजत की छत पर है, वहां बल प्रतिनियुक्त नहीं है। यहां भी बल की प्रतिनियुक्ति आवश्यक है। मोर्चा सुरक्षा के लिए 6 अतिरिक्त बल की प्रतिनियुक्ति किए जाने की आवश्यकता है। पूर्वी वॉच टावर प्रभावी नहीं सिविल कोर्ट परिसर में दो वॉच टॉवर हैं, जो उत्तरी गेट व पूर्वी गेट के पास हैं। वर्तमान में पूर्वी वॉच टॉवर प्रभावकारी नहीं है। इसलिए एक वॉच टॉवर दक्षिण-पूर्वी गेट के पास और दूसरा दक्षिण-पश्चिम गेट के कोने पर बनाने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन दोनों जगहों पर वॉच टॉवर रहने से न्यायालय परिसर के बाहर वॉच टावर रहने से आने-जाने वाले वाहनों एवं लोगों पर निगरानी रखी जा सकेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पर्याप्त जवान नहीं रहने के कारण वॉच टॉवर पर बल की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से सभी वॉच टॉवरों (2 पहले से हैं और 2 का निर्माण कर) पर 4/16 सशस्त्र बल की प्रतिनियुक्ति किए जाने की आवश्यकता है। कोर्ट परिसर में आम लोगों के लिए पार्किंग नहीं कोर्ट परिसर में नई बिल्डिंग के निचले हिस्से में न्यायिक पदाधिकारियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था है। आम जनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। आमजन व अधिवक्ता पुरानी बिल्डिंग में ही अपने वाहन पार्क करते हैं। जिससे पार्किंग व ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न होती है। आम जनों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था कराए जाने की आवश्यकता है। सीसीटीवी कैमरा बढ़ाकर 25 करने की जरूरत कोर्ट में पुलिस प्रशासन की ओर से 16 सीसीटीवी कैमरा व न्यायालय द्वारा कुल 566 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से अतिरिक्त 25 सीसीटीवी कैमरा लगाने की जरूरत है। कोर्ट के मुख्य द्वार पर बैगेज एक्सरे स्कैनर मशीन नहीं लगी हुई है। परिसर में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों के बैग व सामान की जांच के लिए बैगेज एक्स रे स्कैनर मशीन जरूरी है। आपातकाल के लिए कोर्ट में सायरन िसस्टम नहीं स्पेशल ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि कोर्ट में सुरक्षा में प्रतिनियुक्त पुलिस बल को आपातकाल में सावधान करने के लिए एक सायरन सिस्टम भी कोर्ट परिसर में लगाने की जरूरत है। आग लगने की स्थिति में न्यायालय परिसर में अग्निशमन दल की व्यवस्था नहीं है। नये परिसर में अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है, लेकिन पुराने भवन में नहीं है। कोर्ट परिसर से करीब एक किमी. की दूरी पर ऑड्रे हाउस में अग्निशमन दल की उपस्थिति रहती है। सुरक्षा की दृष्टि से पुराने भवन में शीघ्र अग्निशमन यंत्र लगाना जरूरी है। कोर्ट के बाहर ड्रॉप गेट की नहीं है व्यवस्था कोर्ट परिसर के बाहर बेरिकेड्स गेट की व्यवस्था है। लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिसर के बाहर ड्रॉप गेट्स की व्यवस्था की जानी चाहिए। कोर्ट के तीनों गेट पूरब गेट, दक्षिणी गेट व उत्तरी गेट और हाजत गेट पर कुल 5 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) लगे हुए हैं। पूर्वी गेट पर एक अतिरिक्त डीएफएमडी लगाए जाने की आवश्यकता है। कोर्ट में सभी प्रवेश द्वार पर आम लोगों की हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) से जांच की जाती है। लेकिन अधिवक्ताओं की जांच नहीं होती। सभी लोगों की जांच होनी चाहिए। छोटे हथियार के साथ सशस्त्र बल व क्यूआरटी की प्रतिनियुक्त हो कोर्ट परिसर में पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्त सिविल दस्ता के रूप में की गई है। लेकिन सशस्त्र बलों की प्रतिनियुक्ति सिविल दस्ता के रूप में नहीं की गई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोर्ट परिसर में छोटे हथियार के साथ सशस्त्र बलों की भी प्रतिनियुक्ति सिविल दस्ता के रूप में किए जाने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोर्ट परिसर में सुरक्षा के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) नहीं है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्यूआरटी की प्रतिनियुक्ति भी की जानी चाहिए।


