झुंझुनूं में मंगलवार सुबह कुदरत के एक अलग ही तेवर देखने को मिले। जिले के अधिकांश हिस्सों में घने कोहरे ने इस कदर दस्तक दी कि सुबह की शुरुआत ‘जीरो विजिबिलिटी’ जैसे हालातों के साथ हुई। सड़कों पर दृश्यता कम होने से रफ्तार पर ब्रेक लग गया है, वहीं मौसम विभाग की आगामी चेतावनी ने किसानों और आमजन की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जिले के दोरासर, गुढ़ागौड़जी, बिसाऊ, सूरजगढ़, पिलानी और चिड़ावा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। आलम यह था कि महज 20 से 30 मीटर की दूरी पर भी कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था। ग्रामीण इलाकों में खेतों से उठती धुंध ने पूरे दृश्य को सफेद चादर से ढंक दिया। कोहरे के कारण सबसे ज्यादा परेशानी वाहन चालकों को हुई। नेशनल हाईवे और संपर्क मार्गों पर विजिबिलिटी बेहद कम होने की वजह से चालकों को मजबूरी में दिन के उजाले में भी अपने वाहनों की हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चे भी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ठिठुरते हुए स्कूल जाते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, जिलेवासियों को फिलहाल ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। विभाग ने 22 जनवरी से एक बार फिर ‘मावठ’ (शीतकालीन वर्षा) होने की संभावना जताई है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। खेती-किसानी पर असर कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 22 तारीख को मावठ होती है, तो यह रबी की फसलों (विशेषकर गेहूं और सरसों) के लिए ‘अमृत’ के समान होगी। हालांकि, कोहरे की अधिकता से सब्जियों की फसलों में पाला लगने का डर भी बना हुआ है।


