साइंस कॉलेज के सामने से चौपाटी हटाने के मामले में विवाद से घिरे पूर्व मंत्री, भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि वहां चौपाटी बनाना गलत था। स्मार्ट सिटी योजना के तहत वहां पर यूथ हब बनाना था, लेकिन कमाई के लिए चौपाटी बना दी गई। दैनिक भास्कर से इस मुद्दे पर बात करते हुए मूणत ने इस आरोप को गलत कहा कि उनकी जिद में चौपाटी हटाई गई है। उन्होंने कहा- गलत को गलत कहना गलत है क्या? उन्होंने यह भी कहा कि चौपाटी का विरोध वे इसीलिए शुरू से करते आ रहे हैं। मूणत ने कहा- एक हजार सीटर नालंदा परिसर का निर्माण होगा, बच्चे यहां पढ़ेंगे वह सही नहीं है क्या? चौपाटी को महज 300 मीटर दूर शिफ्ट कर देने में किसको दिक्कत हो रही है। यही नहीं पांच महीने पहले सूचना दी, लेकिन तरनजीत होरा ने अपने किराएदारों को बताया ही नहीं। क्या बच्चों को पढ़ने का माहौल मिले, इसके खिलाफ सब लोग हैं। मेसर्स गुरु हरिकिशन होटल एंड रिसॉर्ट किरायेदारों की चिंता नहीं कर रहा, हम जरुर करेंगे। पढि़ए चौपाटी हटाने के विवाद पर पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने क्या कहा- आप चौपाटी का विरोध क्यों कर रहे हैं?
मूणत- शैक्षणिक संस्थानों से घिरे हाेने की वजह से स्मार्ट सिटी ने इस जगह पर 5.50 करोड़ रुपए से यूथ हब बनाया। इसके बाद इसे गुरु हरिकिशन होटल एंड रिसॉर्ट को सशर्त मामूली कीमतों में दे दिया गया। इसके संचालक तरनजीत होरा ने खुले आम शर्तों का उल्लंघन करते हुए चौपाटी बना दी। इसी का मैंने विरोध किया। चौपाटी जहां बनी थी, वहां जाम भी नहीं लगता था, फिर क्यों उसे हटवाया?
– महज 300 मीटर दूर चौपाटी जा रही है। इसमें क्या लोगों को परेशानी होगी। दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें जहां शिफ्ट किया गया, वहां मूलभूत सुविधाएं नहीं है?
– 3 जुलाई 2024 को अधिकारियों के साथ रिसोर्ट वालों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में चौपाटी को 300 मीटर दूर शिफ्ट करने की बात स्वीकार की गई, लेकिन दुकान वालों को यह बताया ही नहीं गया। हमें व्यापारियों की चिंता है। उनको बिजली पानी और सफाई सब उपलब्ध कराई जाएगी। आपकी सरकार आई तो आप इसे हटवा रहे हैं क्या?
– गुरु हरिकिशन होटल एंड रिसॉर्ट के संचालक होरा ने खुलेआम नियम तोड़कर 25000 प्रति गुमटी किराया निर्धारित कर दिया। यूथ हब में दुकानें होनी थी, कैमरा लगाना था, अग्निशमन यंत्र लगना था, कुछ भी नहीं लगाया गया। मामूली राशि स्मार्ट सिटी को देनी थी, वह तक नहीं दी गई। चौपाटी के नाम पर सिर्फ नियमों से खेला गया। कोई नियमों से खेले यह भाजपा सरकार बर्दाश्त नहीं करती।


