महिला कबड्डी:चाइनीज ताइपे को हराकर भारत चैंपियन बना, फाइनल में छत्तीसगढ़ की संजू मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर

बांग्लादेश के ढाका में हुए दूसरे महिला कबड्डी विश्वकप में भारतीय टीम चैंपियन रही। दूसरी बार यह खिताब भारत ने अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ की बेटी व बहतराई कबड्डी अकादमी की खिलाड़ी संजू देवी ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए रेड में 16 अंक जुटाए। उनके इस प्रदर्शन से भारत ने चाइनीज ताइपे को 35-28 यानी 7 अंकों के अंतर शिकस्त दी और विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। संजू को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का अवार्ड भी दिया गया। सोमवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में पहले हाफ के 10 मिनट में चाइनीज ताइपे ने आक्रमक खेल का प्रदर्शन किया और 9-12 के स्कोर में 3 अंक से बढ़त बनाई रखी। भारतीय कप्तान रितू नेगी ने 10.38 मिनट में रेड करने संजू को भेजा। इसमें संजू ने चाइनीज ताइपे के 4 खिलाड़ियों को आउट कर स्कोर 13-12 कर दिया। मैच में संजू ने किए 13 रेड, इनमें तीन सुपर रेड रहे: बहतराई कबड्डी अकादमी के कोच दिलकुमार राठौर ने बताया कि संजू ने मैच में कुल 13 रेड किए। इसमें से 3 सुपर रेड रहे और 4 रेड में ही उन्हें अंक नहीं मिले। मैच शुरू होते ही भारत के लिए पहला रेड संजू ने किया और इसमें उन्होंने 1 अंक हासिल किया। वहीं दूसरे रेड में 3 पाइंट्स हासिल किए। चौथे रेड में 4 व 5वें रेड में 2 अंक लेकर चाइनीज ताइपे को ऑलआउट कर 2 बोनस अंक भी दिलाए। इसके अलावा 1-1 अंक लेकर कुल 16 अंक हासिल किए। उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का अवार्ड दिया गया। दो बार चोटिल हुईं फिर शानदार वापसी
बहतराई कबड्डी अकादमी में करीब एक साल पहले संजू के कंधे में चोट लग गई थी। इससे उन्हें लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा था। वर्ल्ड कप में युगांडा से मुकाबले में उनके कंधे की चोट फिर उभर आई। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने उन्हें रेड में थोड़े कम मौके दिए। ईरान से सेमीफाइनल में भी उन्हें पहले 10 मिनट तक कोर्ट में नहीं उतारा गया। हालांकि इसके बाद जब मौका मिला तो टीम को 9 अंक दिलाकर निर्णायक बढ़त दिलाई। फाइनल में भारत के लिए पहला रेड संजू ने ही किया।

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