क्रिप्टो करंसी में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर 4 करोड़ रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। खन्ना साइबर क्राइम पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि उसने निवेश करवाने के बाद जानबूझकर डिजिटल टोकन का कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस बदल दिया, जिससे निवेशकों के पैसे बेकार हो गए। शिकायतकर्ता संदीप कुमार, कपड़ा व्यापारी खन्ना ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात गुरबचन सिंह नाम के व्यक्ति से हुई। गुरबचन ने खुद को नई क्रिप्टो करंसी “केरा टोकन” का मालिक बताया। उसने कहा, अभी इसकी कीमत 2–3 सेंट है, लेकिन टोकन कभी लॉन्च ही नहीं हुआ। लॉन्च होने के बाद यह 50 सेंट तक पहुंच जाएगी। भरोसा दिलाकर उसने संदीप और उसके दोस्तों से करीब 1 करोड़ रुपए निवेश करवा लिए। काम की बात- मुकेश चौधरी, साइबर एक्सपर्ट {किसी भी क्रिप्टो प्रोजेक्ट में निवेश से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट, टीम डिटेल, ब्लॉक-चेन कॉन्ट्रैक्ट स्वतंत्र रूप से वेरिफाई करें। {केवल टेलीग्राम, व्हाट्सऐप या निजी मीटिंग के भरोसे निवेश न करें, लिखित और सत्यापित दस्तावेज जरूरी होते हैं। {कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस खुद आधिकारिक सोर्स से कॉपी करें, किसी व्यक्ति द्वारा भेजे गए एड्रेस पर सीधे पैसा ट्रांसफर न करें। {गारंटेड रिटर्न, तय तारीख पर कीमत कई गुना बढ़ने जैसे दावे अक्सर स्कैम होते हैं, ऐसे वादों से तुरंत सतर्क हो जाएं। {किसी भी प्लेटफॉर्म या ऐप में निवेश से पहले उसकी कानूनी स्थिति- रेगुलेटरी रजिस्ट्रेशन जांचें। 6. संदेह हो तो 1930 पर शिकायत दें। ऐप व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से होता था लेन-देन लेन-देन एक ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होता था, जहां आरोपी खुद एक “कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस” देता था। क्रिप्टो दुनिया में हर टोकन का एक डिजिटल एड्रेस होता है। यही उसकी असली पहचान होती है। अगर यह एड्रेस बदल जाए तो पुराने टोकन बेकार हो सकते हैं। संदीप के मुताबिक 22 जुलाई 2025 को आरोपी ने बिना बताए टोकन का कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस बदल दिया। जैसे ही एड्रेस बदला, पहले खरीदे गए सारे टोकन की कीमत शून्य हो गई। न वे बिक सकते थे, न ट्रांसफर। यानी स्क्रीन पर पैसे दिख रहे थे, लेकिन असल में उनकी कोई कीमत नहीं बची। झांसे में आने वालों की संख्या 100 के करीब आरोपी ने मई 2025 में “हेल्डर” नाम से एक नई क्रिप्टो करंसी लॉन्च करने की बात कही। फिर से बड़े मुनाफे का लालच देकर संदीप और उसके साथियों से लगभग 1.5 करोड़ रुपए और लगवा लिए गए। इसके बाद भी आरोपी ने पीड़ितों को झांसा दिया कि वह नई कंपनी में पैसा लगाने पर पुराना नुकसान भी पूरा कर देगा। इस झांसे में करीब 100 लोगों ने मिलकर लगभग 2 करोड़ रुपए और लगाए। उसने कुछ समय बाद उनके अकाउंट बंद कर दिए। फोन उठाना भी बंद कर दिया। शिकायत में कहा गया कि आरोपी टेलीग्राम ऐप से बात करता था और अब विदेश भागने की धमकियां दे रहा है। पुलिस को चैट के स्क्रीनशॉट, ट्रांजक्शन डिटेल और अन्य डिजिटल सबूत दिए गए हैं। डीएसपी (डी) की जांच के बाद एसएसपी खन्ना की मंजूरी से बुलंदशहर (यूपी) के आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।


