डीग के सोमका गांव के पास स्थित क्रेशर प्लांट किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। प्लांट से उड़ने वाली भारी मात्रा में पथरीली धूल आसपास के खेतों की फसलों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है, जिससे जमीनें बंजर होने लगी हैं। किसानों का आरोप है कि खेतों में खड़ी सरसों की फसल पर मिट्टी और सफेद धूल की मोटी परत जम गई है। इससे फसलों का विकास रुक गया है और उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ग्रामीण किसानों ने क्रेशर प्लांट संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी शिकायतों को हर बार नजरअंदाज किया गया। किसानों ने यह भी बताया कि प्लांट संचालक खुलेआम पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। धूल नियंत्रण के लिए न तो पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही कोई अन्य उपाय किए गए हैं। इससे न केवल खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। आक्रोशित किसानों ने प्रशासन से तत्काल क्रेशर प्लांट की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस मामले में प्रशासन और क्रेशर प्लांट मालिक ने कोई संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा।


