भास्कर न्यूज | सिमडेगा तीन दिन पूर्व सिमडेगा शहर में दिनदहाड़े एक महिला आशा गोयल की हत्या की घटना को लेकर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है। इस संबंध में जारी एक बयान में रक्षा राज्य मंत्री ने कहा है कि आशा गोयल अपने घर में अकेली रहती थी और दिनदहाड़े उनका गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। घटना के चार दिन बाद भी अब तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है, जो कहीं न कहीं गंभीर प्रश्न खड़े करता है। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सिमडेगा शहर में दिनदहाड़े घर में घुसकर निर्मम हत्या की घटना से आम नागरिक दहशत में है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले को लेकर एसआईटी का गठन किया जाए और इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो। दोषियों के खिलाफ़ अविलंब ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भास्कर न्यूज | सिमडेगा सिमडेगा कॉलेज के बैंक ऑफ इंडिया सिमडेगा शाखा के खाता से क्लोन चेक बनाकर लाखों रुपए की अवैध निकासी कर लिए जाने का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद कॉलेज और बैंक प्रबंधन के हाथ पांव फूलने लगे हैं। मामले में बैंक प्रबंधन ने सदर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस मामले की अनुसंधान कर रही है। बताया गया कि बैंक ऑफ इंडिया सिमडेगा शाखा में सिमडेगा कॉलेज के दो खाता ए और बी संचालित हैं। ए खाता का संचालन रांची विश्वविद्यालय के लेखा अधिकारी और बर्सर करते हैं, लेकिन साइबर अपराधियों ने तीन साल पूर्व सेवानिवृत हुए प्राचार्य बीरबल नाग और तत्कालीन बर्सर प्रो रामकुमार प्रसाद के हस्ताक्षरयुक्त क्लोन चेक तैयार कर मई के पहले और दूसरे सप्ताह में चेक की 17 प्रतियों के माध्यम से 31 लाख 65 हजार रुपए क्लियरिंग के जरिए विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराए गए। बताया गया कि अपराधियों ने गुमला जिले के विभिन्न बैंकों में उक्त चेक जमा कर चेक क्लियरिंग कराए हैं। बताया गया कि साइबर अपराधियों ने जिन नंबरों के चेक प्रयोग किए हैं वे सभी चेक की प्रतियां कॉलेज के पास सुरक्षित हैं। इस अपराध का जिम्मेवार कॉलेज प्रबंधन बैंक प्रबंधन को मान रहा है। सदर थाना प्रभारी विनोद पासवान ने बताया कि बैंक प्रबंधक के शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अपराधियों ने पैसों की निकासी के लिए गुमला जिले के बैंकों के खाते का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की अनुसंधान कर रही है। मामले में कॉलेज और बैंक प्रबंधन से भी पूछताछ की जाएगी। बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम सन्नीस मिंज ने कहा कि साइबर अपराधियों द्वारा क्लोन चेक तैयार कर गलत तरीके से पैसों की निकासी की गई है। उन्होंने कहा कि चेक मशीन के जरिए क्लियरिंग होता है लेकिन गड़बड़ी को बैंक भी नहीं पकड़ सका। उन्होंने कहा कि मामले में कहां और किसके जरिए गड़बड़ी हुई है बैंक के वरीय अधिकारी जांच कर रहे हैं। इस मामले में बैंक प्रबंधन के द्वारा सदर थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।


