खालवा ब्लॉक के ग्राम रोशनी में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत स्वीकृत इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। शुक्रवार को मंत्री विजय शाह ने करीब 1.36 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस क्लस्टर की नींव रखी। उन्होंने कहा कि, स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को एक साथ करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। मंत्री बोले- अब लखपति दीदी बनना आसान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि स्व सहायता समूह की महिलाएं यदि समन्वित रूप से खेती, मछली पालन और पशुपालन करें तो वे आसानी से लखपति बन सकती हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार नई गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। तालाब निर्माण से बढ़ेगा भूजल स्तर मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि ग्राम रोशनी में तालाब निर्माण से न केवल मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के गांवों में भूजल स्तर में भी सुधार होगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि ग्राम रोशनी में जनजातीय कार्य विभाग के दो नए छात्रावास बनाए जाएंगे। बताया कि हरसूद और खालवा के कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अगले शिक्षा सत्र से ग्राम रोशनी के विद्यार्थी भी इस सुविधा का लाभ लेकर कॉलेज आ-जा सकेंगे। महिलाओं की आय बढ़ेगी: सीईओ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने बताया कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के तहत ग्राम रोशनी में पॉन्ड बायोफ्लॉक का निर्माण, 7 बायोफ्लॉक टैंक, केज कल्चर सिस्टम का निर्माण होगा। रोशनी और आसपास के गांवों की आदिवासी महिलाओं को स्वरोजगार से संबंधित प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा, ताकि वे छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें।


