तीन साल पुराने लालसोट की डॉ. अर्चना शर्मा सुसाइड केस में सुप्रीम कोर्ट से खंडार के भाजपा विधायक और राजस्थान प्रदेश महामंत्री जितेंद्र गोठवाल को राहत नहीं मिली है। इस मामले में गत 21 फरवरी को हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने विधायक गोठवाल की मामले में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई थी। विधायक जितेंद्र गोठवाल ने इस केस में राजस्थान हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका लगाई थी। जिस पर निर्णय करते हुए हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने यह फैसला सुनाया था। याचिकाकर्ता और डॉ अर्चना शर्मा के पति डॉ. सुनीत उपाध्याय ने बताया कि हाईकोर्ट ने एडीजे कोर्ट के आदेश को निरस्त किया था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के फैसला पर रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब मामले में जांच पर लगी रोक हटेगी और लालसोट एडीजे कोर्ट में फिर से सुनवाई चलेगी। यह था पूरा मामला याचिकाकर्ता और डॉ अर्चना शर्मा के पति डॉ. सुनीत उपाध्याय ने लालसोट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें डॉ सुनीत उपाध्याय ने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अर्चना शर्मा दौसा के लालसोट में एक निजी अस्पताल का संचालन करती थीं। 28 मार्च 2022 को एक प्रसूता की मौत हो गई थी। जिसके बाद अस्पताल के बाहर शव को लेकर धरना दिया गया। इस दौरान प्रसूता के परिजनों ने अर्चना शर्मा पर केस दर्ज करवाया था। जिससे वो डिप्रेशन में चली गई थीं और सुसाइड कर लिया था। इस मामले में खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल पर डॉक्टर को आत्महत्या करने के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया था और गोठवाल 53 दिन जेल में भी रहे थे। जिसके बाद उन्हें जमानत मिली थी। इसी मामले में विधायक जितेंद्र गोठवाल ने हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका लगाई थी। जिस पर निर्णय करते हुए हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने एडीजे कोर्ट लालसोट के आदेश को निरस्त किया था। जिस पर स्त्री रोग विशेषज्ञ स्वर्गीय डॉक्टर अर्चना शर्मा के पति सुनीत उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। जिस पर आज फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को स्थगित कर दिया। यह भी पढ़ें डॉक्टर अर्चना शर्मा-सुसाइड केस में विधायक के खिलाफ आरोप रद्द:हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल; कहा दो में से एक बिना साक्ष्य के जांच तीन साल पुराने लालसोट के डॉ. अर्चना शर्मा सुसाइड केस में हाई कोर्ट ने खंडार से भाजपा विधायक जितेंद्र गोठवाल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ फ्रेम चार्जेज (आरोपों) को रद्द कर दिया है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े किए हैं। पढ़ें पूरी खबर …


