छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को जशपुर के फरसाबहार तहसील स्थित ग्राम चट्टीड़ांड़ में खड़िया समाज के 15वें सामाजिक वार्षिक उत्सव सम्मेलन में शिरकत की। कार्यक्रम में उन्होंने माता सरस्वती और क्रांतिकारी वीर शहीद तेलंगा खड़िया के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने खड़िया समाज को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए युवाओं और बच्चों को शिक्षा का मार्गदर्शन आवश्यक है। साथ ही उन्होंने समाज को नशामुक्ति का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 2011 में भाजपा सरकार के दौरान ही खड़िया समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिला था। अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि मात्र 13 महीनों में मोदी सरकार की अधिकांश गारंटियां पूरी कर ली गईं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख परिवारों को लाभान्वित किया गया। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और इस बार 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई। वनवासी परिवारों के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण दर को बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी कौशल्या साय और सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 10 हजार रुपए देने का प्रावधान किया गया है। श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराया गया है। जनजातीय समाज के विकास के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएं संचालित की जा रही है। यूपीएससी की तैयारी करने वाले अधिक-से-अधिक युवाओं को अवसर देने के लिए दिल्ली के द्वारका में स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों को 50 से बढ़ाकर 185 किया गया है। बच्चों के शिक्षा के स्तर में वृद्धि के लिए निजी विद्यालयों की तर्ज पर राज्य में 341 विद्यालयों का निर्माण पीएमश्री योजना अंतर्गत किया जा रहा है। विधायक गोमती साय ने कहा कि जब से पृथ्वी में मानव समाज की रचना हुई है तब से जनजाति समाज रहा है। जैसे जैसे समय के साथ जो समाज उन्नति करता गया वो आगे बढ़ता गया। उन्होंने जनजातीय समाज से अपील करते हुए कहा कि जनजातीय समाज को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ने के लिए समाज को चिंतन करते हुए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए तभी समाज आगे बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने नशा को समाज के विकास में बाधक बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की। इसके लिए उन्होंने महिलाओं को आगे आकर प्रतिबद्धता के साथ नशामुक्ति के लिए कार्य करने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि समाज में विकास के लिए हर परिवार के सभी सदस्यों को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्य करना चाहिए तभी समाज आगे बढ़ सकता है।


