खदानों से हर साल मिलेगा 2 करोड़ 7 लाख 60 हजार किलोलीटर पानी

रांची | झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की पत्नी दीपान्विता सेन ने सोमवार को बहु बाजार स्थित संत मिखाइल नेत्रहीन विद्यालय में बच्चों के साथ समय बिताया। उन्होंने स्कूल और छात्रावास का भ्रमण किया। बच्चों के बीच मिठाई तथा फलों का वितरण किया। बच्चों को सेन ने टाई एवं बेल्ट (स्कूल यूनिफॉर्म) दिया। इस दौरान स्कूल के प्रिंसिपल सरिता भी मौजूद थी। सेन ने कहा कि वह बच्चों से जुडेंगी तथा उनकी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश भी करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि जस्टिस आनंद सेन भी जल्द बच्चों से मिलने स्कूल आएंगे। रांची। प्रधानमंत्री के निर्देश पर कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी सीएमपीडीआई ने सक्रिय और परित्यक्त कोयला खदानों में 437 स्थलों का जल गुणवत्ता मूल्यांकन और मानचित्रण किया। अध्ययन में पाया गया कि ये खदानें प्रति वर्ष लगभग 2 करोड़ 7 लाख 60 हजार किलोलीटर अतिरिक्त जल उपलब्ध करा सकती हैं। पश्चिमी देशों के विपरीत, अधिकांश भारतीय खदानों का पानी अपेक्षाकृत बेहतर गुणवत्ता का है, जिसे मामूली उपचार के बाद घरेलू, औद्योगिक व कृषि उपयोग के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है। सीएमपीडीआई ने झारखंड सहित छह राज्यों में 22 पायलट परियोजनाएं शुरू करने की योजना बनाई है, जिनमें सिंचाई, सामुदायिक जल आपूर्ति और बोतलबंद पानी उत्पादन शामिल है। कोयला मंत्रालय के सचिव ने इस पहल की सराहना करते हुए खदान जल के उपचार और पुनः उपयोग के लिए कार्य योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। यह प्रयास जल सुरक्षा, सामुदायिक कल्याण और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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