भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा नगर पालिका द्वारा एनसीएल परियोजना की 4 नंबर लौह अयस्क खदान के लिए जारी एनओसी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में दो अलग-अलग जनसमूहों ने आपत्ति दर्ज कराई और इसे निरस्त करने की मांग की। दोनों पक्षों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। वार्ड 18 (काठमांडू) के निवासियों और विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि उन्हें अंधेरे में रखकर सीएमओ ने एनओसी पर हस्ताक्षर लिए । बिना वार्ड सभा आयोजित किए और पार्षदों की सहमति के यह निर्णय लिया गया, जो नियमों के खिलाफ है। नाराज वार्डवासी बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम विवेक चंद्रा से मामले की जानकारी ली। एसडीएम ने इसे शासकीय प्रक्रिया के तहत जारी एनओसी बताया। इधर भांसी सहित 12 गांवों के ग्रामीणों और आदिवासी जनप्रतिनिधियों ने भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। नगरपालिका अधिकारियों की कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए तत्काल अनुमति निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि एनएमडीसी और सीएमडीसी के संयुक्त उपक्रम एनसीएल द्वारा डिपॉजिट-4 नई खदान के लिए बिना ग्रामसभा की सहमति के प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। बड़े आंदोलन की तैयारी में गांववाले राजा बंगला 4 नंबर डिपाजिट का विवाद गहराता ही जा रहा है एक तरफ कंपनी का काम शुरू हो चुका है दूसरी तरफ ग्राम सभा के फर्जी होने के आरोप लग रहे हैं जो ग्राम सभा आयोजित हुई है उसको सार्वजनिक किए जाने की मांग उठ रही है।


