खनन पट्टे से 5 किमी दायरे में क्रशर संचालन के नियम से प्रभावित होगा पत्थर उद्योग

झारखंड चैंबर की पर्यावरण, प्रदूषण व माइंस एंड मिनरल उप समिति की बैठक मंगलवार को हुई। सदस्यों ने खनन पट्टे से 5 किमी के दायरे में क्रशर संचालन करने के झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के निर्णय पर नाराजगी जताई। क्रशर संचालकों ने इस निर्णय को अतार्किक और मनमाना बताते हुए वापस लेने की मांग की। माइंस एंड मिनरल उप समिति चेयरमैन नितेश शारदा ने कहा कि इस फैसले से सैकड़ों क्रशर यूनिट बंद हो जाएंगे और हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही एक पत्थर के बड़े भंडार का खनन रुक जाएगा। इस बात पर भी चर्चा की गई कि किसी भी खनिज बहुल राज्य में इस तरह का कोई भी प्रावधान नहीं है और यह असंवैधानिक और अप्रयोगिक है। प्रदूषण उप समिति चेयरमैन मुकेश कुमार ने कहा कि सीटीओ व टीटीई दोनों में ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद भी इसमें काफी जटिलताएं और ऑनलाइन होने के बाद भी लोगों को बोर्ड जाना पड़ता है, जिससे बहुत परेशानी होती है। बैठक में चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी, उपाध्यक्ष राहुल साबू, ज्योति कुमारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, मुकेश कुमार, माइंस वितेश शारदा, डॉ. अनल सिन्हा, मोइज अख्तर, सुनील सरावगी समेत चैंबर के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *