कांके स्थित मनातू में रांची का पहला और भव्य अन्नपूर्णा धाम बनाया जा रहा है। रोटी बैंक के संस्थापक विजय पाठक ने बताया कि पिछले 5 सालों से रोटी बैंक द्वारा वे अपने घर से ही जरूरतमंदों को भोजन कराते आ रहे हैं। अब अधिक लोगों तक भोजन पहुंचे इस उद्देश्य के साथ मां अन्नपूर्णा धाम का निर्माण किया जा रहा है। यहां हर रोज भजन-कीर्तन के साथ भोजन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए। पाठक ने बताया कि मंदिर मेंे आश्रम भी बनेगा। यहां लोगों के लिए रहने और भोजन की सुविधा मिलेगी, जो नि:शुल्क रहेगा। लोग बाहर से आते हैं, उनके पास अगर कहीं रहने की व्यवस्था नहीं है तो वे मंदिर के आश्रम में रह सकते हैं और मंदिर में सेवा भी दे सकते हैं। इसके अलावा गुरुकुल बनाया जाएगा। यहां वैसे बच्चों की पढ़ाई होगी, जो वैदिक ज्ञान लेना चाहते हैं। रांची में किसी भी धर्म-जाति के लोग जो वैदिक ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं, वे यहां से कर सकते हैं। इसके लिए बाहर के विद्वानों को बुलाया जाएगा। प्रत्येक वर्ष किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। किसानों के सम्मान में जीवन से ही चप्पल-जूता का त्याग कर दिया है, जिस कारण से लोग उन्हें विजय पाठक नंगे पाओ वाला के नाम से भी जानते हैं। बताते चलेंे कि मंदिर निर्माण के लिए 15 दिसंबर को भूमिपूजन किया गया था। जनवरी में शुरू होगा मंदिर का निर्माण साढ़े 6 हजार स्क्वायर फीट में मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इसे बनने में करीब 3 साल लगेंगे। इसका निर्माण कार्य का शुभारंभ जनवरी 2025 में मकर संक्रांति के बाद से किया जाएगा। ओड़िशा के कारीगर नीलमणि मंदिर का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर के गुंबद को बनाने में करीब डेढ़ साल लगेंगे। इसकी ऊंचाई 51 फीट होगी। मंदिर की चौड़ाई 30 फीट, लंबाई 70 फीट होगी। मंदिर के चारों ओर परिक्रमा स्थल बनाया जाएगा। मां अन्नपूर्णा की मूर्ति वाराणसी से बनकर आएगी। इसके साथ ही मंदिर में कई तरह की कलाकृतियां दिखाई देंगी। मंदिर को बनाने के लिए मार्बल व अन्य सामान राजस्थान से मंगाए जा रहे हैं। विजय पाठक ने बताया कि उनके गुरुदेव वाराणसी काशी विश्वनाथ के अर्चक डॉ. श्रीदेव मिश्र के संरक्षण में मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसमें समाज के लोगों की मदद ली जाएगी। अन्नपूर्णा धाम में मुख्य रूप से मां अन्नपूर्णा का दरबार होगा। इनके साथ और भी कई छोटे-छोटे दरबार बनाए जाएंगे, जिसमें भगवान शिवजी, बजरंगबली, शनिदेव, मां बगलामुखी व अन्य देवी-देवता होंगे। मंदिर में वाराणसी रीति-रिवाज से पूजा होगी।


