प्रदेश में खनन परियोजनाओं व उद्योगों के लिए जमीन अधिग्रहण व जंगलों की बेतहाशा कटाई रोकने के लिए साझा मंच का गठन किया गया है। सोमवार को अंबिकापुर में अलग-अलग संगठनों की बैठक हुई। बैठक में शामिल होने आए लोगों ने कहा कि रायगढ़, खैरागढ़ और सरगुजा में हो रहे आंदोलन को एकजुटता के साथ अब लड़ा जाएगा। बैठक में सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने की रणनीति बनाई गई। बैठक में साझा मंच के गठन का निर्णय लिया गया। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने अपने आंदोलन को मजबूत करने का लक्ष्य तय किया। बैठक में जल, जंगल और जमीन को उद्योपतियों से बचाने के लिए चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की रुपरेखा तैयार की। बैठक में छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों से कोल ब्लाक, बॉक्साइट खदान, लाइम स्टोन, सीमेंट प्लांट, जैसी तमाम परियोजनाओं से प्रभावित लोगों को भी बुलाया गया था। 16 जनवरी को करेंगे प्रदेश स्तरीय आंदोलन
बैठक में सभी ने छत्तीसगढ़ के जल, जंगल और जमीन को बचाने पर सहमति जताई और इस दिशा में पहला आन्दोलन 16 जनवरी को सरगुजा में करने की योजना बनाई। बैठक में हसदेव बचाओ समिति के आलोक शुक्ला, सरगुजा के आदिवासी नेता भानू प्रताप सिंह के नेतृत्व में आंदोलन करना तय किया गया है। खैरागढ़ से आए रमाकांत बंजारे कहते हैं की हमारे यहां 5 गांव में लाइम स्टोन की खदान खोलने के लिए 11 दिसम्बर को जन सुनवाई होनी थी, वहां तीन फसली जमीन है तो किसानों ने उसका विरोध किया है।
कोरबा से आये दीपक साहू ने कहा कि प्रदेश में तानाशाही रवैया से जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। मनमाने तरीके से जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। पेड़ों की कटाई रोकने होगी मांग-भानू
सामूहिक संगठन का नेतृत्व कर रहे भानू प्रताप सिंह ने बताया कोयला, लीथियम, बॉक्साइट, सीमेंट अन्य खदानों से प्रभावित लोग यहां पर आए हुये थे। यह तय हुआ है कि 16 जनवरी को सरगुजा संभाग में धरना दिया जाएगा। जिस तरह से पेड़ों की कटाई हो रही है इस पर रोक लगाने की मांग होगी। खदानों के खिलाफ लड़ाई लड़ने की तैयारी
छत्तीसगढ़ बचाओ संघर्ष समिति से आलोक शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जहां भी खदानों का मामला है, जहां अनुसूचित क्षेत्र है. विशेष रूप से वहां पर संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है. ग्राम सभाओं की अवहेलना करके कारपोरेट मुनाफे के लिए प्रशासन काम कर रहा है। लगातार दमन के आधार पर ये कार्रवाई आगे बढ़ रही है। फर्जी ग्राम सभा के प्रस्ताव बनाकर पेड़ों की कटाई हो रही है उसको सरकार तत्काल बंद करे और पुलिस का उपयोग कर कार्पोरेट के लिए जो दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है उस पर तत्काल रोक लगे।


