लुधियाना के खन्ना में किसानों और विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर एक ट्रैक्टर मार्च निकाला। यह मार्च जीटी रोड स्थित अनाज मंडी से शुरू होकर एसडीएम कार्यालय तक पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम कार्यालय पहुंचने के बाद किसानों और संगठनों के नेताओं ने केंद्र सरकार का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों का आरोप था कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। केंद्र सरकार कर रही किसानों की मांग नजरअंदाज इस अवसर पर किसान नेता अमृत सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं, फिर भी सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने बताया कि इस ट्रैक्टर मार्च का मुख्य उद्देश्य सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाना है। किसानों की प्रमुख मांगों में बिजली बिल रद्द करना, सीड बिल रद्द करना और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को कानून बनाकर लागू करना शामिल है। किसान नेताओं ने यह भी कहा कि महंगाई बढ़ने के बावजूद फसलों के दाम नहीं बढ़ रहे हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी बिजली और अन्य खर्चों के कारण खेती करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल ठोस निर्णय लेने की अपील की। मार्च के दौरान किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। अन्य किसान नेताओं और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो वे बड़े स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर होंगे। ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस दौरान प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।


