चाईबासा | दैनिक भास्कर की 8 जनवरी के अंक में ‘रात को मार रहा हाथी, सो रहा वन विभाग’ शीर्षक से खबर छपने के बाद वन विभाग के बड़े अधिकारी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भी दौरा करने लगे हैं। 1 जनवरी से 7 जनवरी तक लगातार एक दंतैल हाथी ने 17 लोगों की जान ले ली और 11 लोग घायल हुए। यह घटना चाईबासा और कोल्हान डिवीजन के साथ रेंज में घटित हुई थी। लेकिन डीएफओ स्तर के कोई भी अधिकारी उन गांव में नहीं पहुंच रहे थे। जबकि वन विभाग के निचले स्तर के वनरक्षक व अन्य कर्मचारियों को भेज कर हाथी भागने का काम किया जा रहा था। ये भी शाम को जा रहे थे और रात को वापस आ रहे थे। रिपोर्ट 8 जनवरी को प्रमुखता से छपी। इसके बाद कोल्हान के डीएफओ कुलदीप मीणा सहित राज्य स्तर पर पीसीएफ परितोष उपाध्याय व कई रेंज के अधिकारी गांव में पहुंचने लगे। डीएफओ कुलदीप मीणा गुरुवार को कोल्हान डिवीजन के उन गांवों में पहुंचे जहां हाथी ने लोगों की जान ली थी। गोइलकेरा व संतरा रेंज में 7 को हाथी ने मारा था। लोग नाराज थे कि कोई अधिकारी नहीं पहुंच रहा है। डीएफओ कुलदीप मीणा सैतवा और अमराई कितापी ने पीड़ित परिवारों से मिलकर कंबल और पटाखा आदि का वितरण किया। पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि जल्द देने का भरोसा दिया। कहा- विभाग द्वारा सिविल सर्जन से बात कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जल्द बनाई जाएगी, जिससे कि मुआवजा की राशि जल्द दिलाई जा सके। हाथी देखते ही सूचना दें : ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथी देखते ही तत्काल संपर्क सूत्र- 9835249408 (जितेंद्र सिंह, आरएफओ – नोवामुंडी) को सूचना दें। पीड़ितों का लिया हालचाल, कंबल बांटे


