चक्रधरपुर | शीतला मंदिर स्थित श्री साईं देवस्थान में मंदिर के संस्थापक गुरु जी चंद्रभानु सतपथी के आगमन पर बुधवार को मंदिर में उत्साह मनाया गया। आईपीएस यूपी कैडर-1972 तथा पूर्व पुलिस महानिदेशक गुरु जी चंद्रभानु सतपथी के श्री देवस्थान चक्रधरपुर पहुंचने पर गाजे बाजे से श्री साईं भक्त मंडल की ओर से भव्य स्वागत हुआ। उसके बाद गुरुजी मंदिर में साईं बाबा का दर्शन करते हुए पूजा अर्चना किए। गुरुजी के मंदिर पहुंचने पर बाबा नाल बच्चे की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इससे पहले गुरुजी के देवस्थान पहुंचने पर मंदिर परिवार की ओर से भव्य स्वागत किया गया। वहीं श्री साईं देवस्थान की दिन चर्चा कार्यक्रम और विशेष दिनों पर आयोजित कार्यक्रमों को बताया। वहीं रक्तदान शिविर आयोजित होने का भी जानकारी दिया। बताया गया कि मंदिर परिसर में बाबा नाल बच्चे कार्यक्रम चलते हैं, जिसमें बच्चों को पेंटिंग, गीत और नृत्य सिखाए जाते हैं। वहीं कलाकार झिमली चटर्जी के नेतृत्व में बाबा नाल बच्चे द्वारा गुरु बंदना और स्वागत गीत किया गया। बच्चों ने नागपुर गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मनमोहा। गुरु जी चंद्रभानु सतपथी ने कहा कि दस वर्ष के अंतराल में जो परिवर्तन और परिपक्वता देख रहा हूं, यह मेरे लिए सराहनीय है। विभिन्न वर्ग और विभिन्न भाषा ओड़िशा, बंगाल, बिहार, छोटानागपुर के लोग मिलकर जो कार्यक्रम किए हैं यह सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं भावनात्मक भी था। उन्होंने श्रद्धा और सबूरी की महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि साईं बाबा धार्मिक समानता में विश्वास रखते हैं और उनका संदेश मानवता व एकता का था। उन्होंने कहा कि ईश्वर एक है और सभी गुरुओं का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, न कि बांटना। गुरुजी ने साईं देवस्थान की कार्यक्रम का सराहनीय किए। इस दौरान महिलाओं ने ओडिया भाषा में गुरु भागवत पाठ किया। भास्कर न्यूज | सरायकेला सरायकेला प्रखंड अंतर्गत कुदरसाई स्थित बाबा बुद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार और प्रतिष्ठा के तीन वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर तीन दिवसीय वार्षिको ्सव-2026 का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में किया गया। मां सरस्वती पूजा के शुभ संयोग में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान का आगाज भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। बाबा बुद्धेश्वर नाथ भक्त मंडली, कुदरसाई सरायकेला के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। शुभारंभ अवसर पर कुदरसाई स्थित खरकाई नदी से मंदिर प्रांगण तक 11 कलशों में पवित्र जल भरकर जलयात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। कलश यात्रा के उपरांत मंदिर परिसर में पुजारियों के दल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत रुद्राभिषेक पाठ संपन्न कराया गया। संध्या बेला में बाबा बुद्धेश्वर नाथ महादेव का भव्य श्रृंगार कर आरती की गई, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तिमय वातावरण बना रहा। आयोजकों ने जानकारी दी कि गुरुवार को प्रातः से पूजन-पाठ एवं रुद्राभिषेक का क्रम जारी रहेगा। अपराह्न बेला में अग्नि स्थापना एवं हवन का आयोजन किया जाएगा। वहीं संध्या 6 बजे से बाबा का श्रृंगार कर आरती की जाएगी, मनमोहक भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन होगा। रात्रि 9 बजे से भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। शुक्रवार को सभी धार्मिक अनुष्ठानों के बाद वार्षिकोत्सव का समापन होगा।


