टीकमगढ़ के खरगापुर नगर परिषद में मंगलवार को ब्राह्मण समाज ने आईएएस संतोष वर्मा के बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संतोष वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और थाने पहुंचकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। समाज ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें संतोष वर्मा को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की गई है। खरगापुर निवासी रमाशंकर गोस्वामी, बृजेंद्र मिश्रा और योगेंद्र पाठक ने ज्ञापन में बताया कि राज्य शासन के कर्मचारियों के एक कार्यक्रम में संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज की बेटियों के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग खुले मंच से लाउडस्पीकर पर किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया और कई समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक हुआ है। समाज के सदस्यों ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर रहते हुए संतोष वर्मा का यह कृत्य उनकी सोच और विचारधारा को दर्शाता है। उन्होंने इसे एक गंभीर मुद्दा बताया और शासन से इस पर विचार करने की अपील की। समाज ने संतोष वर्मा के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच और उन्हें सेवा से मुक्त करने की मांग की है। उनका आरोप है कि वर्मा ने सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाई और जातिगत मतभेद पैदा करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि 2021 में संतोष वर्मा के खिलाफ एक महिला के साथ मारपीट और अभद्र भाषा के उपयोग का मामला न्यायालय में लंबित था। आरोप है कि इस मामले में फर्जी तरीके से न्यायालय में राजीनामा प्रस्तुत किया गया था, जिसके संज्ञान में आने के बाद न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। समाज का कहना है कि यह घटना महिलाओं के प्रति वर्मा की मानसिकता को उजागर करती है। ब्राह्मण समाज ने यह भी मांग की है कि संतोष वर्मा द्वारा प्रस्तुत नोटिस के जवाब को सार्वजनिक रूप से मीडिया और सोशल मीडिया पर दिखाया जाए।


