खरगोन की कुंदा नदी नगर गौरव दिवस के एक माह बाद ही फिर से मैली हो गई है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर दो दिवसीय नगर गौरव दिवस मनाया गया था, जिसमें कुंदा नदी की गंगा की तरह महाआरती की गई थी। अब नदी में चारों ओर गंदगी, काई और जलकुंभी फैल गई है। इस समय नवग्रह मेला भी चल रहा है, जहां प्रतिदिन 25 हजार से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। नदी की यह स्थिति स्वच्छ शहर की छवि को धूमिल कर रही है और श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। नदी के किनारे नए और पुराने पुल के बीच शहर के नालों का गंदा पानी सीधे कुंदा में मिल रहा है। गणेश मंदिर, हनुमान मंदिर, नवग्रह मंदिर और भैरव मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के आसपास गंदगी से लोगों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। स्थानीय लोगों ने इन धर्म स्थलों के आसपास बेहतर स्वच्छता की मांग की है। जहरीला पानी फैल रहा है
समाजसेवी संजय पाराशर ने बताया कि नगर गौरव दिवस पर 10 से 12 लाख रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन नदी की स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नदी में काई और गंदगी के कारण जहरीला पानी फैल रहा है, जिससे नगर पालिका की लापरवाही उजागर होती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन कुंदा की सफाई के नाम पर कुछ दिनों के लिए अभियान चलाकर केवल औपचारिकता पूरी करता है। उनका मानना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है और नालों के गंदे पानी को शहर से बाहर छोड़ा जाना चाहिए। इस मामले में नगर पालिका सीएमओ कमला कौल ने कहा है कि नदी की सफाई को लेकर प्रभावी प्रयास जारी हैं।


