खरगोन की कथक नृत्यांगना गौरी देशमुख ने दुबई में आयोजित ‘जश्न-ए-रेख्ता’ साहित्य एवं कला महोत्सव में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की अद्वितीय प्रस्तुति देकर जिले का नाम रोशन किया है। सोमवार रात हुए कार्यक्रम में गौरी ने अपनी गुरु शिंजिनी कुलकर्णी और उनकी टीम के साथ मंच साझा किया और अपनी नृत्य कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। गौरी ने ‘थाड़े रहिए ओ बांके यार रे’ और ‘मुझे कोई मिल गया था’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर कथक नृत्य की प्रस्तुतियां दी, जिसे दर्शकों ने बहुत सराहा। कार्यक्रम में प्रख्यात गीतकार और लेखक जावेद अख्तर समेत कई नामी साहित्यकार भी उपस्थित थे, जिनके बीच गौरी की प्रस्तुति ने विशेष आकर्षण खींचा। इस उपलब्धि के साथ ही गौरी ने न केवल अपने कला क्षेत्र में सफलता हासिल की है, बल्कि खरगोन जिले और मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है। कत्थक नृत्य संस्थान की कॉर्डिनेटर ममता हिरवे ने गौरी की कड़ी मेहनत और समर्पण को इस सफलता का कारण बताया। गौरी की इस सफलता को न केवल उनके परिवार और गुरुजनों, बल्कि समूचे निमाड़ क्षेत्र के कला प्रेमियों ने गर्व और उत्साह के साथ सराहा है। उनके प्रदर्शन ने युवा कलाकारों को प्रेरित किया है और यह उपलब्धि एक गौरवपूर्ण क्षण बन गई है।


