खरगोन पीजी कॉलेज के अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के छात्रों ने अव्यवस्थाओं और अधीक्षक की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की और अधीक्षक रवि नोघे को हटाने की मांग की। छात्रों का गंभीर आरोप है कि अधीक्षक शराब पीकर आते हैं और कई बार विद्यार्थियों के सामने भी नशा करते हैं। मामले में संयुक्त कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। छात्र अश्विन गोखले और संदीप चौहान ने शिकायत में बताया कि अधीक्षक रवि नोघे अक्सर शराब पीकर हॉस्टल आते हैं। वे बाहरी लोगों को प्रवेश देते हैं और जब छात्र कोई समस्या बताते हैं, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें नहीं हटाया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। बासी सब्जियां और गंदा पानी
शिकायत के अनुसार, हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है। खाने में बासी सब्जियों का उपयोग किया जाता है और शासन द्वारा तय मीनू का पालन नहीं होता। नवीन प्रवेशित विद्यार्थियों को अब तक पंखा, बिस्तर, कंबल, अलमारी, बेडशीट, कुर्सी-टेबल और स्पोर्ट्स सामग्री नहीं मिली है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें मिलने वाली 10 प्रतिशत शिष्यवृत्ति (स्कॉलरशिप) भी पिछले दो साल से नहीं मिली है। हॉस्टल में डर का माहौल
छात्रों ने बताया कि भवन की मरम्मत गुणवत्ताहीन है। परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, जिससे जीव-जंतुओं का डर बना रहता है। गीजर की अर्थिंग वाले क्षेत्र में अंधेरा रहता है और वाल्व के पास हमेशा पानी भरा रहता है। अधिकारी बोले- तत्काल होगी कार्रवाई
संयुक्त कलेक्टर हेमलता सोलंकी ने छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त इकबाल हुसैन आदिल को छात्रावास का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो समस्याएं तत्काल हल हो सकती हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाएगा।


