खरगोन सामान्य वनमंडल में रविवार को जिलास्तरीय ईको पर्यटन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रेरकों को प्रकृति, वन और वन्य प्राणियों से संबंधित अद्यतन जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे पर्यटकों को बेहतर अनुभव दे सकें। ईको सेंटर पीपलझोपा में आयोजित इस प्रशिक्षण में मध्य प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के मुख्य प्रशिक्षक मुकेश राठौर ने वनक्षेत्र की जैव विविधता और समग्र जानकारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुभूति कैंप में बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ दुर्लभ सामग्री के बारे में रोचक तरीके से बताया जाना चाहिए, ताकि पर्यटक उसकी चर्चा करें। सहायक प्रशिक्षक राजेंद्रसिंह सोलंकी और सेवानिवृत्त रेंजर श्रीराम राठौर ने अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने प्रेरकों को दुर्लभ जड़ी-बूटियों और उनके औषधीय उपयोग की जानकारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इस प्रशिक्षण में सामान्य वनमंडल खरगोन की सभी 8 रेंज के प्रेरक शामिल हुए। प्रशिक्षण की शुरुआत डीएफओ रमेश राठौर और बिस्टान के एसडीओ हीरालालजी पटेल ने की। शामिल रेंज में खरगोन, बिस्टान, सिरवेल, बरुड, कसरावद, भीकनगांव, तीतरानिया और चिरीया शामिल थीं। ये सभी प्रेरक वनक्षेत्र में आयोजित होने वाले ईको अनुभूति कैंप में स्कूली छात्र-छात्राओं को वन, वन्य प्राणियों और वनस्पतियों से परिचित कराएंगे। कार्यक्रम के अंत में रेंज प्रेरक अजय गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।


