खरगोन जिले में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही हैं और खासकर कपास में नमी की समस्या आ रही है। बारिश से कपास की फसल गीली होने लगी है। मंडी में इसका असर भाव पर भी पड़ा है। कपास का अधिकतम भाव 7000 रुपए रहा, जबकि नमी बढ़ने से न्यूनतम भाव 2800 रुपए तक गिर गया। मंडी में लगभग 3000 क्विंटल कपास की आवक दर्ज की गई। जिले में इस बार 1.94 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती हुई है। बारिश का असर सोयाबीन और मक्का पर भी
किसान अशोक गहलोत ने बताया कि चुनाई के दौरान कपास गीली आ रही है। घर पर भी फसल को सुखाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में मंडी में सही दाम नहीं मिल रहे हैं और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बारिश का असर सोयाबीन और मक्का पर भी दिखाई दे रहा है। सोयाबीन के फूल झड़ रहे हैं और पौधे पीले पड़ रहे हैं। वहीं, मक्का की फसल भी अधिक नमी के कारण खराब हो रही है। फसलों के नुकसान का आकलन प्रशासन जल्द करेगा। कपास की फसल के दाम भी गिरे
खरगोन जिले में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही हैं। कपास में निचोड़ने जैसी नमी है। कपास की फसल में नमी बढ़ने से मंडी में भाव 2800 रुपए तक गिर गए हैं। मंडी में कपास का अधिकतम भाव 7000 रुपए रहा। लगभग 3000 क्विंटल की आवक दर्ज की गई। जिले में इस बार 1.94 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती की गई है। सोयाबीन के फूल झड़कर पौधे नीले पड़े
किसान अशोक गहलोत के अनुसार कपास की चुनाई के दौरान फसल गीली आ रही है। किसान घर में भी फसल को सुखा नहीं पा रहे हैं। इससे बाजार में कम दाम मिल रहे हैं। बारिश का असर अन्य फसलों पर भी पड़ा है। सोयाबीन के फूल झड़ रहे हैं और पौधे पीले पड़ रहे हैं। मक्का की फसल भी अधिक नमी के कारण खराब हो रही है। फसलों के नुकसान का आकलन अभी नहीं हो पाया है।


