खरगोन जिले में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मावठे की बारिश की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 10 फरवरी से जिले में मावठे की संभावना जताई है। इससे जिले में करीब 3.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगी रबी की फसल पर संकट मंडराने लगा है। मौसम की इस चेतावनी के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। सुबह छाई रही हल्की धुंध गुरुवार सुबह जिले में हल्की धुंध देखने को मिली। इसका असर सुबह करीब 8:30 बजे तक बना रहा। धुंध के कारण सुबह के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई, जिससे तेज ठंड से लोगों को कुछ राहत मिली। पिछले पांच दिनों से जिले का न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। मौसम में उतार-चढ़ाव जरूर है, लेकिन फिलहाल कड़ाके की ठंड नहीं पड़ रही है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल बालियां निकाल चुकी है और दाना भरने की अवस्था में है। वहीं चना की फसल भी लगभग तैयार हो चुकी है। ऐसे समय में मौसम का बदलाव किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। धुंध से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की धुंध का फसलों पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। हालांकि यदि मावठे की बारिश होती है तो गेहूं और चना जैसी तैयार फसलें खराब हो सकती हैं। किसान भाव सिंह ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ भूमि में बंटाई पर गेहूं की फसल बोई है। यदि मावठे की बारिश हुई तो फसल को भारी नुकसान होगा और लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। पिछले सप्ताह ओलावृष्टि से पहले ही नुकसान जिले के कसरावद क्षेत्र में पिछले सप्ताह ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को पहले ही भारी नुकसान हो चुका है। इससे किसान अभी तक उबर भी नहीं पाए हैं। मोगांवा, दोगावां, टिगरियाव, गवला, नावडाटोड़ी, बलगांव, अहिल्यापुरा, माकड़खेड़ा सहित 16 गांवों में सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में गेहूं, चना, मक्का, केला और सब्जी की फसलें प्रभावित हुई थीं। तापमान का पांच दिन का रिकॉर्ड पिछले पांच दिनों में जिले का अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 11 से 12.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। किसान अब मौसम की अगली चाल पर नजर लगाए हुए हैं। यदि मावठे की बारिश नहीं होती है तो फसलों को राहत मिलेगी, लेकिन बारिश हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है।


