खरगोन में राज्य शिक्षक संघ ने महिला मोर्चा के नेतृत्व में एक रैली निकाली। इसमें 500 से अधिक शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता लाभ, पुरानी पेंशन बहाली और ई-अटेंडेंस व्यवस्था बंद करने की मांग की। शिक्षकों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा। रैली के दौरान “पुरानी पेंशन बहाल करो”, “वरिष्ठता लाभ लेकर रहेंगे” और “ई-अटेंडेंस व्यवस्था बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। बोले- सरकार शिक्षकों से छलावा कर रही है
सब्जी मंडी पार्क में आयोजित सभा में प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के साथ छलावा कर रही है। उन्होंने बताया कि 2018 में शिक्षकों को नवीन शिक्षा संवर्ग में शामिल कर 1998 से 2014 तक नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं शून्य कर दी गईं, जिससे सेवानिवृत्ति पर उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। यादव ने पुरानी पेंशन बहाली को शिक्षकों का अधिकार बताया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुराम मालवीया, संतोष जायसवाल, जिलाध्यक्ष अमित शर्मा, सुनीता पूरे, माया चौहान, अर्चना गीते, मोनिका पटेल, घनश्याम मालवीय और सुनीता वर्मा सहित कई शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद थे। संघ ने घोषणा की कि 25 दिसंबर को भोपाल के अंबेडकर पार्क में प्रदेश भर के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरना देंगे। शिक्षकों ने जिलास्तरीय समस्याओं पर भी रोष व्यक्त किया। इसमें 2013 में नियुक्त प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को क्रमोन्नति लाभ न मिलना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उच्च माध्यमिक शिक्षकों के समयमान वेतनमान, सातवें वेतनमान, क्रमोन्नति, समयमान वेतन और डीए एरियर के प्रकरण भी लंबित हैं। झिरन्या में सितंबर 2022 में स्कूल जाने के बावजूद बीईओ और लिपिक की लापरवाही के कारण 120 से अधिक शिक्षकों का सार्थक उपस्थिति के नाम पर वेतन काट लिया गया। शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से इस वेतन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें भुगतान नहीं मिला है।


