खराब इंजीनियरिंग ने डुबोया एक और स्विमिंग पूल:20 साल बाद भी शुरू नहीं; 2 अन्य स्विमिंग पूल में भी सामने आ चुकी ऐसी गड़बड़ी

नेहरू पार्क, विश्रामबाग के बाद स्कीम 78 स्थित अटल खेल परिसर में बने स्विमिंग पूल में भी गड़बड़ी सामने आई है। 20 साल पहले 2 करोड़ से तैयार किया गया यह पूल अब तक शुरू नहीं हो सका है। खराब इंजीनि​यरिंग, पानी की कमी और फिल्टर प्लांट की जगह नहीं होने से पूल में पहले दिन से ही ताला लगा है। टाइल्स भी उखड़ चुकी हैं। 2005 में तैयार हुआ यह पूल अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। चारों ओर गंदगी फैली रहती है और बारिश के दिनों में पूल में पानी भर जाता है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिसका असर पास के बैडमिंटन, ताइक्वांडो-कराते हॉल में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों पर पड़ रहा है। एक्सपर्ट का कहना है पूल बनाने के दौरान ठेकेदार और इंजीनियर ने अंतरराष्ट्रीय मापदंडों का ध्यान नहीं रखा। पूर्वी क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए बनाया गया था यह पूल यह स्विमिंग पूल खास तौर पर पूर्वी क्षेत्र के खिलाड़ियों की जरूरत को देखते हुए बनाया गया था। नेहरू पार्क स्थित पूल इस क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए काफी दूर पड़ता है, जबकि निजी क्लब की तैराकी फीस बहुत ज्यादा है। इसी कारण इस पूल का निर्माण किया गया, लेकिन लापरवाही के चलते यह सपना अधूरा रह गया। नेताओं ने पूल बनाने की घोषणा की और ठेकेदार ने ठेका लेकर काम शुरू कर दिया। ठेकेदार ने अपने मन से ही गहराई तय करते हुए पूल तैयार कर दिया। पूल में फिल्टर प्लांट नहीं लगाया गया। वहीं, पूल को भरने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई। एक्सपर्ट – मनोज दवे, अंतरराष्ट्रीय कोच पूल को फिर से बनाना ही विकल्प अटल खेल परिसर का स्विमिंग पूल अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप नहीं बनाया गया। ऐसे प्रोजेक्ट में शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय कोच और एक्सपर्ट कमेटी को शामिल करना चाहिए। साथ ही ऐसी कंपनी को टेंडर देना चाहिए, जिसे स्विमिंग पूल बनाने का अनुभव हो। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी यदि सुविधा शुरू न हो तो यह जतना की गाढ़ी कमाई की बर्बादी है। पूल को तोड़कर फिर से बनाना ही विकल्प है। यदि यहां स्विमिंग पूल तैयार होता है तो पूर्वी क्षेत्र में तैराकों की संख्या बढ़ सकती है। पिछले एक साल से नेहरू पार्क का स्विमिंग पूल भी बंद है, ऐसे में पूर्वी क्षेत्र के कई खिलाड़ी प्रैक्टिस से वंचित रह गए हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *