भास्कर न्यूज | जामताड़ा किसानों को खरीफ फसलों की देखभाल, नमी प्रबंधन और आगामी रबी सीजन की तैयारी पर विशेष ध्यान दें, जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने इसे आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इस समय वर्षा धीरे-धीरे कम होने लगती है। जिससे फसलों की वृद्धि अवस्था में महत्वपूर्ण कार्य करने का समय होता है। उन्होंने कहा कि किसानों को धान की टॉप ड्रेसिंग हेतु यूरिया की अंतिम खुराक डालने की बात कहे। उन्होंने ने कीटों और रोगों (ब्लास्ट, झुलसा, शीथ ब्लाइट) की निगरानी करते हुए आवश्यकता अनुसार दवा का छिड़काव करने का सुझाव दिया। उन्होंने खेत में उचित नमी बनाए रखने के साथ जलभराव न होने देने की सलाह दी। मक्का का जिक्र करते हुए उन्होंने पौधों को गिरने से बचाने हेतु उनमें मिट्टी चढ़ाने की सलाह दिया। मक्का में दाने भरने की अवस्था में पर्याप्त नमी बनाए रखें। दालें (अरहर, उड़द, मूंग) के बारे में बताया कि उनमें फूल आने की अवस्था में खेत में नमी बनाए रखें, लेकिन जलभराव न हो। पीली मोजेक रोग व कीट (जैसे पत्ती – लपेटक) की निगरानी करने के साथ फसल कमजोर होने पर 2% यूरिया का पूर्ण छिड़काव किया जा सकता है। सोयाबीन के बारे में फली बनने की अवस्था में किसानों को उचित नमी बनाए रखने की सलाह दी है। सब्जियों में बेल वाली फसलों (लौकी, करेला, तरबूज) को उन्होंने सहारा देने का सुझाव दिया है। कीट-रोग का प्रकोप अधिक होने पर जैविक/रासायनिक नियंत्रण – करने की बात कही। उन्होंने किसानों को नर्सरी में टमाटर, फूलगोभी, पत्ता गोभी और प्याज की तैयारी शुरू करने की सलाह दी। आप खेती-किसानी से जुड़े किस विषय पर जानकारी चाहते हैं, वॉट्सएप नंबर 93080 98272 पर सिर्फ मैसेज करें।


