भास्कर न्यूज| महासमुंद महासमुंद के पुराने सिविल क्वार्टर में रहने वाले सरकारी कर्मियों को जर्जर आवास से बहुत जल्द ही राहत मिलने वाली है। इनके विस्थापन के लिए हाउसिंग बोर्ड कालोनी में 6.31 करोड़ से 80 एलआईजी आवास बनकर तैयार है। सभी के लिए 2 बीएचके फ्लैट बनाए गए है। 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। रंग रोगन और फाइनल फिनिशिंग का काम तेजी से जारी है। फरवरी महीने तक काम पूरा हो जाएगा। कर्मचारियों के विस्थापन के बाद महासमुंद के नेशनल हाइवे 353 से लगे सरकारी आवासों और क्लब पारा के स्वाध्याय भवन से पीडब्ल्यूडी आफिस तक री-डेवलपमेंट योजना के तहत फ्लैट और शॉपिंग कॉम्पलेक्स निर्माण होगा। हाउसिंग बोर्ड से रमनटोला जाने वाली मार्ग में ही 80 एलआईजी आवास तैयार है। साल 2020 से री-डेवलपमेंट योजना जारी है। कई बार योजना में परिवर्तन हुए। इसका निर्माण हाउसिंग बोर्ड ने कराया है। इसे चार ब्लाक में बनाया गया है। हर ब्लाक में 2 बीएचके के 20 फ्लैट है। ब्लाक – 1 में फाइनल फिटिंग, नल और बिजली का काम ही बचा है जो जारी है। वहीं ब्लाक-2 में फिनिशिंग का काम जारी है। दरवाजा, खिड़की व रंग रोगन का काम अंतिम चरण में है। वहीं ब्लाक 4 और ब्लाक 5 में काम कंप्लीट हो चुका है। इधर खस्ताहाल सरकारी आवास में रहने वाले कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्लब पारा के आवासों में एच टाइप के 12 आवास है जिसमें 12 कर्मचारी रह रहे है। वहीं नेशनल हाइवे 353 किनारे जी टाइप 13 आवास में एक ही कर्मचारी निवासरत है। बाकी जर्जर हो चुके है। अधिक समस्या बारिश के दिनों में होती है। सभी आवासों के छत में पॉलीथिन ढके हुए है। बारिश में सीलन और करंट की भी समस्याएं होती है। महासमुंद के गुडरूपारा मचकुरी लाइन में 55 साल पुराना सरकारी आवास पूरी तरह जर्जर हो चुका है। यहां कुल 26 आवास है। इन खस्ताहाल आवासों में अब भी 7 कर्मचारी रह रहे है। कई सालों से यहां मरम्मत कार्य बंद है। कर्मचारी खुद के पैसे से मरम्मत करवा कर रह रहे है। यहां अधिकांश आवासों के दरवाजे और खिड़की असामाजिक तत्वों ने चोरी कर ली है। दिन भर नशाखोरी करने वाले और जुआरियों का डेरा लगा रहता है। फर्श में लगे पत्थर तक चोरी कर ले जा चुके है। पुराने जर्जर अनुपयोगी भवन भूमि के विकास को स्वीकृति मिल गई है। फ्लैट और दुकान बनाने जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट के बैठक में इसके लिए 74 करोड़ रुपए शासन ने स्वीकृत किए है। इसमें पुराने सिविल क्वार्टरों की स्थान पर करीब 5 एकड़ जमीन में कॉम्प्लेक्स और फ्लैट निर्माण किया जाएगा। छग गृह निर्माण मंडल निर्माण करेगा। इसमें ग्राउंड फ्लोर में व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स और इसकी छत पर आवासीय फ्लैट बनाए जाएंगे।


