साल 2025 को लेकर पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मौजूदा भजनलाल सरकार को सुझाव दिया है कि इस साल में तो कम से कम विधायकों की सुनवाई हो। खाचरिवास ने सियासी तंज कसते हुए कहा- मुख्यमंत्री संवाद के दौरान राजस्थान के विधायक काम नहीं होने का रोना रो रहे हैं, विधायक लगातार अधिकारियों और मंत्रियों की शिकायत कर रहे हैं। जब प्रदेश के विधायकों के कहने से काम नहीं हो रहे तो आम जनता का क्या होगा। उन्होंने कहा- एक वर्ष पूरा होने के बाद सरकार के विधायक और मंत्री एक दूसरे की शिकायत कर रहे हैं, कैबिनेट की मीटिंग में मुख्यमंत्री और मंत्री आपस में लड़ रहे हैं और लगातार मुख्यमंत्री की और से कोई भी कार्यक्रम विधायक और जनता की सुनवाई के लिए जारी नहीं किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री विधायकों से संवाद कर रहे लेकिन रिजल्ट जीरो है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विधायकों से बात करने में 1 वर्ष लग गया, जिलों को समाप्त करने में भी एक वर्ष लग गया यदि जिले समाप्त करने थे तो इतना समय क्यों लगाया। उन्होंने कहा- अब सरकार इसे भी अपनी उपलब्धि मान रही है, जबकि सच्चाई है कि पूरे प्रदेश में विधायक मंत्री सब परेशान है। किसी को पता नहीं कैसे काम होगा, कौन करेगा। इस बारे में मंत्री, विधायक और मुख्यमंत्री तीनों अलग-अलग बयान देते है और ऐसे में जनता कहां जाए। खाचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को यह समझ लेना चाहिए जब उनके संवाद में विधायक कह रहे हैं तो आम जनता की सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल विधायकों के काम नहीं होने के रोने से पूरी तरह से असफल हो गया है।


