खाद्य विभाग के अफसर विधानसभा में दी गई जानकारी को ही गलत बता रहे

राज्यभर के राशन दुकानों से 216 करोड़ की चावल चोरी और 100 करोड़ से ज्यादा की शक्कर चोरी की जांच कर रही विधानसभा जांच समिति को दी गई जानकारी को अब खाद्य विभाग के अफसर ही गलत बता रहे हैं। ऐसे सभी अफसरों पर सख्त कार्रवाई की मांग हमर संगवारी संस्था ने की है। संस्था के अध्यक्ष राकेश चौबे ने विभाग के अफसरों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि खाद्य संचालनालय के अफसर फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों को बचाने के लिए झूठी जानकारी दी है। विधानसभा 2024 के बजट सत्र में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक को तारांकित प्रश्न क्रमांक 58 अंतर्गत खाद्य विभाग द्वारा परिशिष्ट अ और ब में जानकारी दी गई है। इसमें वास्तविक मात्रा की जानकारी न देकर तकनीकी कारणों में शामिल मात्रा को घटा दिया गया है। प्रदेश के 33 जिलों में बस्तर के 344, कांकेर के 275, कोंडागांव के 233, कोरबा के 307, सक्ति के 276, बेमेतरा के 167, कवर्धा के 351, खैरागढ़ के 205, बलौदाबाजार के 227 और गरियाबंद के 188 राशन दुकानों में शक्कर गायब मिली है। खाद्य विभाग ने भी माना है कि 2808.04 टन शक्कर कम पाई गई है। इसका बाजार मूल्य 4000 रुपए क्विंटल के हिसाब से 114.60 करोड़ होता है। विधानसभा के प्रश्न क्रमांक 58 में परिशिष्ट ब में बताया गया है कि 2023 की स्थिति में केवल शक्कर की अनियमितता के लिए 2847 राशन दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसमें 231 राशन दुकान निलंबित और 160 दुकानों को बर्खास्त किया गया है। 1167 राशन दुकानों को राजस्व वसूली की नोटिस तहसीलदारों से जारी कराई गई है। इससे साफ है कि विभाग के अफसर ही विधानसभा में गलत जानकारी दे रहे हैं। इधर, दुकान का 17 लाख का चावल और शक्कर खुले बाजार में बेचा, दो पर केस राशन दुकानों से सरकारी चावल और शक्कर की चोरी करने वालों पर और सख्ती की जा रही है। दैनिक भास्कर ने इस खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था कि बड़ी संख्या में राशन दुकानों से शक्कर की चोरी की गई है। इसके बाद से ही रोजाना किसी न किसी दुकानदार के खिलाफ एफआईआर की जा रही है। शुक्रवार को जिला खाद्य विभाग ने दो लोगों के खिलाफ खमतराई थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। खमतराई में मौजूद राशन दुकान के संचालन का जिम्मा मां कंकाली महिला स्व-सहायता समूह के पास था। इस समूह के पास दो दुकान आईडी 441001194 और 441001014 थी। इन दोनों दुकानों का संचालन यही समिति कर रही थी। हाल ही में खाद्य विभाग के अफसरों ने इन दुकानों की जांच की तो वहां एक दुकान से 222.69 क्विंटल चावल और 3.24 क्विंटल शक्कर तथा दूसरी से 241.58.69 क्विंटल चावल व 0.71 क्विंटल शक्कर की कमी मिली। अगर गड़बड़ी नहीं तो नोटिस क्यों दिया प्रभारी खाद्य डायरेक्टर पैकरा का भी ये कहना हास्यास्पद है कि 2021 से 2023 के दौरान शक्कर गायब होने का कोई प्रकरण या शिकायत नहीं ​मिली है। दुकानों में गड़बड़ी नहीं थी तो 2847 राशन दुकानों को कारण बताओ नोटिस और 1167 दुकानों को राजस्व वसूली की नोटिस क्यों दी गई? अब वही स्पष्ट करें कि कौन सी जानकारी सही है और कौन सी गलत।

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