खाद के लिए तीन दिन तक लाइन में लगने वाली भूरिया बाई की मौत के बाद अंतिम संस्कार पर अधिकारी खाद घर भेजने का वादा तो कर आए, लेकिन खाद फिर भी नहीं मिली। नेताओं और अधिकारियों ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया, लेकिन अगले दिन किसी ने सुध तक नहीं ली। असंवेदनशीलता की स्थिति यह रही कि उसके परिजन मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने गए तो जिला अस्पताल में कर्मचारी से गालियां मिलीं। मृतका के परिजन हरनाम सिंह से गाली देते हुए कहा कि मौत मंडी में हुई है। हरनाम नगर पालिका गया तो वहां भी मना कर दिया गया। पंचायत ने कह दिया कि मौत यहां नहीं हुई तो प्रमाण पत्र यहां नहीं बनेगा। दिनभर परिजन यहां से वहां भटकते रहे और खाली हाथ अपने गांव लौट गए।
भूरिया बाई की मौत के बाद रातोरात सिस्टम सुधर गया। अब किसानों को सुबह सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खाद वितरण किया जाएगा। एनएफएल से करीब 30 ट्रक प्रतिदिन मिल रहे थे जो अब बढ़कर 50 ट्रक प्रतिदिन होंगे। किसानों के लिए गुरुवार तक 15 काउंटर थे, लेकिन अब 33 काउंटर होंगे। किसानों को पहले 5 कट्टे दिए जा रहे थे और हर किसान को 10 कट्टे खाद दी जाएगी। अब शनिवार को भी खाद बांटी जाएगी। शुक्रवार सुबह खुद कलेक्टर किशोर कन्याल, एसडीएम, तहसीलदार, डीडीए सहित अधिकारियों की टीम नानाखेड़ी डबल लॉक केंद्र पर व्यवस्थाएं जांचने के लिए पहुंच गए। मधुसूदनगढ़ में दिसंबर के लिए 4850 किसानों को टोकन
मधुसूदनगढ़ में 4850 किसानों को पुलिस थाने के पीछे कैंपस से टोकन दिए गए जो 1 दिसंबर से लेकर 29 दिसंबर तक के लिए हैं। शुक्रवार को यहां करीब 5 हजार किसान पहुंचे थे। टोकन बांटने के लिए 70 से ज्यादा कर्मचारी लगे। खाद सिर्फ उन किसानों को ही मिल सकी जिन्हें पिछले शुक्रवार को टोकन दे दिए गए थे। यहां पर शुक्रवार को ही टोकन का वितरण किया जाता है। किसानों ने बताया कि कोई रात 3 बजे से ही लाइन में लगा था तो कोई सुबह 5 बजे ही आ गया, लेकिन टोकन ही मिले। कार्रवाई की जा रही है
मृतका के परिजनों से अभद्रता करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस संबंध में उचित कार्रवाई की जा रही है। – डॉ. वीएस रघुवंशी, सिविल सर्जन


