खान विभाग:अरावली को 80 मीटर तक ऊंची दर्शाकर अलॉट किया था, कार्रवाई जीरो

खान विभाग के इंजीनियरों ने कागजों में अरावली की ऊंचाई 100 मीटर से कम दिखाने का भी खेल किया है। इस तरह के मामले अलवर, रामगढ़ में सर्वाधिक 80 खदानों के है। सिरोही और उदयपुर में इस तरह के केस है। विभाग ने इस संबंध में अब तक किसी पर एक्शन नहीं लिया है। खान विभाग की एक रिपोर्ट में पूरे अलवर में ऐसी करीब 100 खदानों की संभावना जताई गई थी। खान विभाग ने अलवर रामगढ़ में 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियों काे 60 से 80 मीटर कागजों में दर्शाकर 2009 – 10 में अलॉट किया था। इस अलॉटमेंट काे लेकर मामले की जांच चलती रही लेकिन किसी पर एक्शन नहीं हुआ है। इस मामले में सिर्फ उदयपुर में एक्शन देखने काे मिला था। जिसमें विभाग के इंजीनियरों पर कार्रवाई हुई थी। गौरतलब है कि प्रदेश में अरावली पर्वत माला या इससे जुड़ी पहाड़ियों पर 10500 खानें अलॉट है। वहीं करीब 900 खाने 100 मीटर से ऊंची है। छोटी दिखा अलॉटमेंट का रास्ता निकाला विभाग के इंजीनियरों ने जीटी शीट (जनरल टॉपोग्राफी शीट) प्रकिया की जगह अल्टीमीटर मशीन से पहाड़ों की ऊंचाई नापकर अरावली काे छोटी दिखाकर खदान अलॉटमेंट का रास्ता निकाला था। इस तरह से नीलामी कराई गई थी। उदयपुर में इसी तरह के मामले में अल्टीमीटर मशीन से अरावली की ऊंचाई घटाकर नापने और गलत अलॉटमेंट के मामले में ही एसीबी ने तत्कालीन निदेशक सहित 10 अधिकारियों के खिलाफ हाल ही में काेर्ट में चालान पेश किया था।

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